जेल में गायत्री प्रजापति पर हमले का मामला, जांच रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा
Sandesh Wahak Digital Desk: समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार में पूर्व खनन मंत्री रहे गायत्री प्रजापति पर जेल में हुए हमले की बहुचर्चित जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। जेल प्रशासन द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट ने हमले को एक ‘आकस्मिक घटना’ करार दिया है, और उन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है जिनमें इसे किसी राजनीतिक या सुनियोजित साजिश का हिस्सा बताया गया था।
विवाद और हमले का विवरण
डीआईजी जेल की ओर से शासन को भेजी गई जांच रिपोर्ट के अनुसार, हमला उस समय हुआ जब जेल अस्पताल में दवा वितरण चल रहा था। जेल अस्पताल में सफाई का काम कर रहे बंदी विश्वास से पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की कहासुनी हो गई।
यह विवाद धक्का-मुक्की में बदल गया। इसी दौरान आरोपी बंदी विश्वास ने मौके का फायदा उठाकर लोहे की पटरी के एक हिस्से (जो अलमारी के नीचे लगे स्लाइडिंग का हिस्सा था) से प्रजापति के सिर पर वार कर दिया। प्रजापति को चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया और फिर वापस जेल भेज दिया गया।
जांच टीम ने इस घटना को साबित करने वाले सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की। जेल अस्पताल के स्टाफ और अन्य बंदियों के बयान दर्ज किए गए, जो सभी एक जैसे थे और किसी ने भी पूर्व योजना या साज़िश की बात नहीं कही। फुटेज की बारीकी से जांच की गई। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फुटेज में भी किसी राजनीतिक या संगठित साज़िश का कोई प्रमाण नहीं मिला। फुटेज से पुष्टि हुई कि विवाद अचानक शुरू हुआ, जिसके बाद हमला किया गया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इससे पहले, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए थे और इस पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की थी। हालांकि, जेल प्रशासन की रिपोर्ट किसी भी साज़िश की बात को साबित नहीं कर पाई है।
आपको बता दें कि खनन घोटाले के आरोपों के चलते लंबे समय से जेल में बंद गायत्री प्रजापति पर हुए हमले की यह रिपोर्ट अब आगे की कार्रवाई के लिए शासन स्तर पर तय की जाएगी।
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