जातिगत जनगणना से बढ़ सकते हैं सामाजिक टकराव: बृजभूषण शरण सिंह
Sandesh Wahak Digital Desk: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बृजभूषण शरण सिंह ने जातिगत जनगणना को लेकर बड़ी चिंता जताई है। उनका मानना है कि इससे आने वाले समय में समाज में नए-नए विवाद खड़े हो सकते हैं। शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, जातियों की स्थिति हर राज्य में अलग-अलग है। ऐसे में जब जनगणना होगी, तो वर्गीकरण को लेकर असहमति और भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, उत्तर प्रदेश में कुर्मी समाज को पिछड़ा वर्ग माना जाता है, जबकि गुजरात में यही समाज अगड़ी जाति में गिना जाता है। वहीं ओडिशा और पश्चिम बंगाल में कुर्मी समाज अनुसूचित जाति या जनजाति की मांग कर रहा है। सरकार को इन मामलों को बहुत ही समझदारी और संवेदनशीलता से हैंडल करना होगा, सिंह ने कहा। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और यदुवंशी समाज का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह की मांगें समाज और सरकार दोनों के लिए एक नई चुनौती बन सकती हैं।
प्लेन क्रैश पर कांग्रेस के बयान पर भी निशाना
बृजभूषण शरण सिंह ने अहमदाबाद में हाल ही में हुए प्लेन क्रैश पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के बयान को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, ऐसी घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण होती हैं लेकिन यह पहली बार नहीं हुआ है। ऐसे हादसों को पूरी तरह टालना हमेशा संभव नहीं होता। खेड़ा ने कहा था कि यह ‘ईश्वरीय कृत्य’ नहीं, बल्कि सरकार की लापरवाही थी और इसे रोका जा सकता था।
Also Read: NEET 2025: लखनऊ के मुक्तेश तन्मय ने मारी बाज़ी, ऑल इंडिया रैंक 36 के साथ बने शहर के टॉपर

