बेंगलुरु में 9.5 लाख की रिश्वत लेते धरे गए CPRI के जॉइंट डायरेक्टर, घर से करोड़ों की कैश और विदेशी करेंसी बरामद
Sandesh Wahak Digital Desk: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा प्रहार करते हुए केंद्रीय विद्युत अनुसंधान संस्थान (CPRI) के संयुक्त निदेशक (Joint Director) को गिरफ्तार किया है। अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने एक निजी कंपनी के उपकरणों को पास करने के लिए लाखों की रिश्वत मांगी थी। छापेमारी के दौरान अधिकारी के घर से जो मिला, उसने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।
सीबीआई ने 8 जनवरी को इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी। आरोप था कि सुधीर ग्रुप ऑफ कंपनीज द्वारा बनाए गए बिजली उपकरणों की टेस्ट रिपोर्ट को अपने पक्ष में करवाने के लिए अधिकारी ने घूस की मांग की थी। जाल बिछाकर सीबीआई ने शुक्रवार (9 जनवरी) को जॉइंट डायरेक्टर को कंपनी के एक अधिकारी से 9.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद जब सीबीआई की टीम आरोपी अधिकारी के घर पहुंची, तो वहां नोटों का अंबार लगा मिला। तलाशी के दौरान बरामदगी का विवरण कुछ इस प्रकार है।
नकद: करीब 3.59 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की गई।
विदेशी मुद्रा: अमेरिकी डॉलर, यूरो, यूएई दिरहम, और स्वीडिश क्रोना समेत कई देशों की करेंसी मिली, जिसकी कीमत करीब 4.05 लाख रुपये है।
अन्य: भारी मात्रा में आभूषण और कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी मिले हैं।
कुल बरामदगी: अब तक करीब 3.76 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा हो चुका है।
CPRI केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के तहत आने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण संस्थान है। देशभर में बिजली सप्लाई के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की सुरक्षा और गुणवत्ता की जांच और प्रमाणन (Certification) इसी संस्थान की जिम्मेदारी है। ऐसे में जांच रिपोर्ट से समझौता करना न केवल भ्रष्टाचार है, बल्कि बिजली सुरक्षा के साथ एक बड़ा खिलवाड़ भी है।
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