झांसी CGST रिश्वतकांड: डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी की दिल्ली-ग्वालियर में बेनामी संपत्तियों की जांच शुरू
Lucknow News: सीबीआई (CBI) ने झांसी के सीजीएसटी विभाग में डेढ़ करोड़ रुपये की घूसखोरी के मामले में गिरफ्तार आईआरएस अधिकारी और डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी समेत अन्य अधिकारियों पर शिकंजा कस दिया है। 70 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद अब सीबीआई इन अधिकारियों की आय से अधिक संपत्ति (DA Case) की जांच करने जा रही है। सूत्रों की मानें तो भ्रष्टाचार की यह रकम दिल्ली और ग्वालियर के रियल एस्टेट में खपाई गई है।
छापेमारी के बाद घर पर होती थी डील
सीबीआई की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये अधिकारी व्यापारियों के यहां छापेमारी करने के बाद उन्हें डराते थे और फिर मामला रफा-दफा करने के लिए अपने घर बुलाकर रिश्वत की डील करते थे। ज्ञात हो कि बीते 18 दिसंबर को दो प्लाईवुड फर्मों पर छापेमारी की गई थी। करोड़ों की टैक्स चोरी को कम करके दिखाने के बदले डेढ़ करोड़ रुपये की डिमांड की गई थी। अब तक की छापेमारी में सीबीआई को 90 लाख रुपये नकद, भारी मात्रा में जेवर, चांदी की ईंटें और संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं।
आय से अधिक संपत्ति और बेनामी निवेश
सीबीआई अब प्रभा भंडारी और उनके पति के नाम पर मौजूद संपत्तियों, बैंक खातों और लॉकरों की छानबीन कर रही है। आरोप है कि वसूली गई रकम को प्रॉपर्टी डीलरों और करीबियों के माध्यम से ठिकाने लगाया गया था। जांच के दायरे में सीजीएसटी के कुछ अन्य अधिकारी भी आ गए हैं, जिनके नाम पूछताछ के दौरान सामने आए हैं।
दो और कारोबारी रडार पर, गिरफ्तारी की तैयारी
इस मामले में सीबीआई ने जय अंबे प्लाईवुड के मालिक लोकेश तोलानी और जय दुर्गा प्लाईवुड के मालिक तेजपाल मंगतानी को भी आरोपी बनाया है। इनकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। इससे पहले अधीक्षक अनिल कुमार तिवारी, अजय कुमार शर्मा, वकील नरेश कुमार गुप्ता और फर्म मालिक राजू मंगनानी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
Also Read: चीन में पूर्व मेयर को सुनाई गई मौत की सजा, घर से मिला था 13 हजार किलो सोना

