CM भगवंत मान के ओएसडी पर भ्रष्टाचार का आरोप, कैंप ऑफिस समेत 8 ठिकानों पर CBI का छापा
Sandesh Wahak Digital Desk: पंजाब की सियासत में मंगलवार को उस समय बड़ा सियासी संकट खड़ा हो गया, जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के चंडीगढ़ स्थित कैंप ऑफिस पर अचानक छापेमारी की। मंगलवार शाम 5 बजे शुरू हुई यह हाई-प्रोफाइल कार्रवाई देर रात 11 बजे तक जारी रही। सीबीआई ने चंडीगढ़ के कैंप कार्यालय के अलावा मोहाली, लुधियाना, पटियाला, संगरूर, जालंधर और गुरदासपुर सहित कुल आठ ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। कार्रवाई के दौरान केंद्रीय जांच एजेंसी ने कई डिजिटल उपकरण, लैपटॉप, मोबाइल फोन और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं।
यह पूरी कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस कड़े आदेश के बाद हुई है, जिसमें मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से जुड़े कथित ट्रांसफर-पोस्टिंग और भ्रष्टाचार मामले की निष्पक्ष जांच सीबीआई को सौंपने के निर्देश दिए गए थे।
ED के खुलासे के बाद हाईकोर्ट का कड़ा रुख
यह पूरा मामला प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जीएमएडीए जमीन, सीएलयू और रियल एस्टेट से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के दौरान उजागर हुआ था। ईडी का आरोप है कि नितिन गोहल नाम का व्यक्ति बिचौलिए के तौर पर काम कर रहा था, जो मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन के सीधे संपर्क में था। ईडी ने छापेमारी के दौरान गोहल से 20.98 लाख रुपये नकद और कुछ संदिग्ध डिजिटल चैट्स बरामद करने का दावा किया था। इस संबंध में ईडी ने पंजाब पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के लिए तीन बार पत्र लिखा, लेकिन कार्रवाई न होने पर मामला हाईकोर्ट पहुंचा।
हाईकोर्ट ने 5 अक्टूबर को ओएसडी घुम्मन समेत छह नामजद लोगों के खिलाफ सीबीआई एफआईआर के आदेश दिए। वहीं, इस आदेश को चुनौती देने वाली पंजाब सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत सुनवाई करने से इनकार करते हुए नियमित प्रक्रिया के तहत विचार करने की बात कही है।
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