CBI Raid: जेपी ग्रुप के दफ्तर पर CBI की छापेमारी, रियल एस्टेट सेक्टर में मचा हड़कंप
Sandesh Wahak Digital Desk: नोएडा स्थित जेपी ग्रुप के मार्केटिंग कार्यालय पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शुक्रवार को छापा मारा, जिससे रियल एस्टेट उद्योग में खलबली मच गई है। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद शुरू हुई उस जांच का हिस्सा है, जिसमें नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र के 24 रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को लेकर गंभीर अनियमितताओं की आशंका जताई गई है।
सीबीआई की यह छानबीन मुख्य रूप से “सबवेंशन स्कीम” के तहत दिए गए होम लोन से जुड़ी अनियमितताओं पर केंद्रित है। इस योजना के अंतर्गत बैंक सीधे बिल्डरों को ऋण देते थे, और बिल्डरों को ग्राहकों की ओर से ईएमआई और ब्याज का भुगतान करना होता था। लेकिन, कई मामलों में बिल्डरों ने न तो ब्याज चुकाया और न ही ग्राहकों को समय पर फ्लैट दिए। इसके कारण कई लोगों को बिना घर पाए ही नियमित रूप से ईएमआई भरनी पड़ी।
कई प्राधिकरणों से मांगी गई जानकारी
CBI ने इस मामले में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण से संबंधित कुल 24 बिल्डर प्रोजेक्ट्स की विस्तृत जानकारी मांगी है। इनमें बकाया भुगतान, नक्शा स्वीकृति, मंजूरी पत्र, रजिस्ट्री की स्थिति और बिल्डरों से जुड़े सभी रिकॉर्ड शामिल हैं।
शुक्रवार को CBI की टीम नोएडा सेक्टर 128 स्थित जेपी ग्रुप के कार्यालय पहुंची, जहां दस्तावेजों की गहराई से जांच की जा रही है। इस कार्रवाई के दौरान सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस की भी तैनाती रही ताकि प्रक्रिया शांतिपूर्वक पूरी की जा सके।
इस कार्रवाई के बाद पूरे रियल एस्टेट सेक्टर में हड़कंप मच गया है। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में अन्य रियल एस्टेट कंपनियों पर भी जांच का शिकंजा कस सकता है। इससे न सिर्फ बिल्डरों की जवाबदेही तय होगी, बल्कि आम लोगों के हितों की भी रक्षा की संभावना बढ़ेगी।
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