SRS ग्रुप के करोड़ों घोटाले में बड़ी कार्रवाई, प्रमोटर अनिल जिंदल सहित 9 आरोपियों पर PMLA कोर्ट में आरोप तय

Sandesh Wahak Digital Desk: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पीएमएलए (PMLA) मामलों में त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए जो प्रयास शुरू किए हैं, उसके तहत गुरुग्राम की जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर स्थित विशेष पीएमएलए अदालत ने बड़ी कार्रवाई की है। अदालत ने रियल्टी फर्म एसआरएस ग्रुप से जुड़े विशाल धोखाधड़ी मामले में शामिल व्यक्तियों और कंपनियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप (Charges) तय कर दिए हैं।

अदालत ने 3 नवंबर को आदेश जारी करते हुए एसआरएस ग्रुप के प्रमोटर-डायरेक्टर अनिल जिंदल सहित कुल नौ आरोपियों और तीन संबंधित कंपनियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। मुख्य आरोपियों में अनिल जिंदल के साथ-साथ विनोद जिंदल, बिशन बंसल, राजेश सिंगला, विनोद कुमार गर्ग, नवनीत क्वात्रा, सीमा नारंग, धीरज गुप्ता और देवेंद्र अधाना शामिल हैं।

ईडी ने यह जाँच 81 एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। ग्रुप पर निवेशकों और बैंकों से करीब 2200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। ईडी के अनुसार, आरोपियों ने निवेशकों को ऊंचे मुनाफे और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में आकर्षक रिटर्न का लालच देकर भारी निवेश करवाया। इसके बाद, इस धनराशि को एसआरएस ग्रुप की सैकड़ों शेल कंपनियों में स्थानांतरित कर मनी लॉन्ड्रिंग की गई। इस मामले में पहले ही 2215.98 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त करने का आदेश जारी किया जा चुका है।

वर्तमान घटनाक्रम को न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। आरोपों के तय होने से आरोपी व्यक्तियों/संस्थाओं पर मुक़दमा चलाने और जब्त की गई संपत्तियों को वैध दावेदारों/घर खरीदारों को वापस करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इस मामले में इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर एक आरोपी प्रवीण कुमार कपूर को 2 नवंबर 2025 को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित भी किया गया है।

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