बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना के ड्रोन हमले के बाद China ने ग्वादर में रोके ऑपरेशन
Sandesh Wahak Digital Desk: पाकिस्तान की सेना ने बलूचिस्तान में कम से कम 20 ड्रोन हमले किए हैं। ये ड्रोन हमले नोशकी के किल्ली जमालदीनी इलाके में किए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इन ड्रोन हमलों में कई महिलाओं और बच्चों की मौत हो गई है। बलूचिस्तान पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि पाकिस्तानी सेना कल रात से ही बौखलाकर ड्रोन हमले कर रही है। ये हमले आम लोगों के घरों पर किए गए हैं। पाकिस्तान सेना ने ये हमले उस समय शुरू किए, जब इस हफ्ते बलूच लिबरेशन आर्मी ने बलूचिस्तान के कम से कम 12 शहरों पर एक साथ हमले किए थे। इन हमलों में 200 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिकों को मारने का दावा किया गया है। इसके बाद नोशकी के अलग-अलग हिस्सों में 20 से ज्यादा ड्रोन हमले हुए हैं। जिसके बाद China ने अपने सभी कर्मचारियों को बलूचिस्तान से बुला लिया है।
ग्वादर हमले के बाद China का बड़ा फैसला
दूसरी तरफ ग्वादर पोर्ट के आसपास बलूच लिबरेशन आर्मी के भीषण हमले से डरे चीन ने अपने काम बंद कर दिए हैं। चीन ने पाकिस्तान के रणनीतिक बंदरगाह शहर ग्वादर में अपने सभी जमीनी ऑपरेशन अस्थायी रूप से रोक दिए हैं और अपने सभी कर्मचारियों को वापस बुला लिया है। यह पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि चीन ने बलूचिस्तान में अरबों डॉलर का निवेश कर रखा है, जिसका बलूच विद्रोही विरोध करते हैं। बलूचों का यह हमला पिछले कई दशकों में सबसे खतरनाक और तबाही मचाने वाला हमला बताया जा रहा है।

China ने बलूचिस्तान से कर्मचारियों को वापस बुलाया
जिसके बाद China ने अपने सभी कर्मचारियों को बलूचिस्तान से बुला लिया है। सीनियर अधिकारियों के मुताबिक ग्वादर में तैनात सभी चीनी ग्राउंड स्टाफ को स्पेशल फ्लाइट्स के जरिए बाहर निकाला गया है, जिससे इस क्षेत्र में चीन के नेतृत्व वाली ऑन-साइट गतिविधियां पूरी तरह रुक गई हैं। चीन पहले ही अपनी मौजूदगी कम कर चुका था और कुछ इंजीनियरों और टेक्नीशियन तक सीमित हो गया था, लेकिन अब उसने सभी ग्राउंड ऑपरेशन बंद कर दिए हैं।
शीर्ष सुरक्षा सूत्रों के अनुसार फिलहाल China के नागरिक ग्वादर में मौजूद नहीं रहेंगे और सभी प्रोजेक्ट को रोक दिया गया है। इस्लामाबाद में चीनी दूतावास के सीनियर सूत्र के हवाले से बताया गया है कि यह एहतियाती और अस्थायी कदम है। बलूचिस्तान और खासकर ग्वादर में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। हालांकि चीनी कर्मचारियों के हटने के बावजूद पाकिस्तानी सपोर्ट स्टाफ चीनी फंड वाले प्रोजेक्ट्स से जुड़े जमीनी स्तर के काम जारी रखेगा और चीन की टीमें दूर से स्थिति पर नजर रखेंगी।
CPEC परियोजनाओं की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
रिपोर्ट के मुताबिक बलूच लिबरेशन आर्मी के फ्रीडम फाइटर्स ने ग्वादर और बलूचिस्तान के दूसरे हिस्सों में चीन के इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा ठिकानों को निशाना बनाकर हमला किया था। ये हमले काफी समन्वित थे, जिससे चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के तहत विकास परियोजनाओं में शामिल विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।
China के वरिष्ठ सूत्र के हवाले से कहा गया है कि यह निलंबन ग्वादर या CPEC से जुड़े निवेश से पीछे हटने का संकेत नहीं है। सभी ऑपरेशन पूरी तरह से सुरक्षा का दोबारा आकलन करने के लिए रोके गए हैं। अतिरिक्त सुरक्षा उपाय और सुरक्षा प्रोटोकॉल में सुधार के बाद चीनी कर्मचारियों को फिर से तैनात किया जाएगा और काम दोबारा शुरू किया जाएगा।
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