टोंकिन की खाड़ी में चीन का युद्धाभ्यास, वियतनाम की नई समुद्री सीमा के ऐलान के बाद बढ़ा तनाव

Sandesh Wahak Digital Desk: दक्षिण चीन सागर में बढ़ते तनाव के बीच चीन ने टोंकिन की खाड़ी में बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू किया है। यह युद्धाभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब वियतनाम ने हाल ही में अपने दावे वाले समुद्री क्षेत्र की एक नई सीमा रेखा घोषित की है। माना जा रहा है कि चीन का यह कदम क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति को मजबूत करने और वियतनाम को संदेश देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

चीन ने क्यों शुरू किया युद्धाभ्यास?

चीन के समुद्री सुरक्षा प्रशासन के अनुसार, यह युद्धाभ्यास टोंकिन की खाड़ी के चीनी हिस्से के करीब बेइबू खाड़ी क्षेत्र में किया जा रहा है। यह सैन्य अभ्यास बृहस्पतिवार शाम तक चलेगा। हालांकि, चीन ने इसे अपनी नियमित सैन्य गतिविधि करार दिया है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि यह सीधे तौर पर वियतनाम की नई समुद्री सीमा घोषणा का जवाब हो सकता है।

वियतनाम की नई समुद्री सीमा पर विवाद

हाल ही में वियतनाम ने संयुक्त राष्ट्र के समुद्री कानून (UNCLOS) के तहत अपने जल क्षेत्र की नई सीमा घोषित की थी। सरकारी मीडिया ‘वियतनाम न्यूज’ के अनुसार, यह नई सीमा वियतनाम की संप्रभुता और अधिकार क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत मजबूती प्रदान करेगी। हालांकि, चीन इस घोषणा को अपनी समुद्री सुरक्षा और प्रभाव के लिए खतरा मान रहा है।

चीन का आक्रामक रुख और बढ़ता समुद्री विवाद

चीन और वियतनाम के बीच टोंकिन की खाड़ी को लेकर वर्षों से एक समझौता है, लेकिन दक्षिण चीन सागर के अन्य हिस्सों, खासकर स्प्रैटली और पारासेल द्वीप समूह को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। चीन पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है और अकसर आक्रामक रवैया अपनाता रहा है।

क्षेत्रीय तनाव में और वृद्धि संभव

चीन का वियतनाम के अलावा फिलीपींस, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान के साथ भी समुद्री विवाद है। इंडोनेशिया के नटुना द्वीप के पास भी चीनी जहाजों और स्थानीय मछुआरों के बीच हिंसक झड़पें हो चुकी हैं। ऐसे में चीन का यह युद्धाभ्यास क्षेत्रीय विवाद को और भड़का सकता है।

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