लखनऊ: जेल में दोस्ती और शुरू हुई जुर्म की दास्तान, चिनहट पुलिस ने पकड़े दो हाईप्रोफाइल चोर
Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ की चिनहट पुलिस और पूर्वी जोन की क्राइम टीम ने मिलकर एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसकी नींव सलाखों के पीछे पड़ी थी। जेल में शुरू हुई दोस्ती जब बाहर निकली, तो वह शहर के बंद घरों के लिए काल बन गई। पुलिस ने दो ऐसे “जेलबर्ड्स” को गिरफ्तार किया है जिन्होंने पिछले कुछ दिनों में लखनऊ के पॉश इलाकों में चोरी की वारदातों से हड़कंप मचा रखा था।
राजधानी के पूर्वी जोन में सक्रिय एक शातिर चोर गिरोह अब पुलिस की गिरफ्त में है। पकड़े गए अभियुक्तों के पास से न केवल लाखों की नकदी, बल्कि सोने-चांदी के भारी जेवरात और चोरी की गाड़ियां भी बरामद हुई हैं।
ताला देखते ही हो जाते थे सक्रिय
इस पूरी कहानी की शुरुआत होती है 2 फरवरी 2026 को, जब सुरेंद्र कुमार शर्मा नाम के एक व्यक्ति ने थाना चिनहट में शिकायत दर्ज कराई। सुरेंद्र ने बताया कि अज्ञात चोरों ने उनके हरदासी खेड़ा स्थित घर का ताला तोड़कर लाखों के जेवर, 1.10 लाख रुपये नकद और उनकी हीरो सीडी डीलक्स बाइक उड़ा ली है। घर का कीमती घरेलू सामान भी गायब था।
इस घटना को पुलिस ने बड़ी गंभीरता से लिया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर फौरन कई टीमें बनाई गईं। पुलिस ने इलाके के दर्जनों सीसीटीवी फुटेज खंगाले और अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी दौरान पुलिस को कुछ संदिग्धों की जानकारी मिली, जो चोरी के माल का बंटवारा करने की फिराक में थे।
बंटवारा करने से पहले ही चढ़े हत्थे
बीती 2 फरवरी को पुलिस को सटीक सूचना मिली कि दो शातिर अपराधी मटियारी स्थित राष्ट्रीय ग्राम उद्योग आश्रम इंटर कॉलेज के पास मौजूद हैं। पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की और राहुल गुप्ता (निवासी इंदिरानगर) और रामू कश्यप उर्फ करिया (निवासी गोंडा) को धर दबोचा।
पूछताछ के दौरान इन दोनों ने जो खुलासा किया, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। अभियुक्तों ने बताया, “साहब, हम दोनों की दोस्ती जेल में हुई थी। वहां हम चोरी के ही मामलों में बंद थे। जेल से निकलने के बाद रामू मेरे घर आया और हमने मिलकर बंद घरों को निशाना बनाने का प्लान बनाया।” उन्होंने कबूला कि 24-25 जनवरी की रात उन्होंने चिनहट में और 28 जनवरी को आशियाना इलाके में दो बड़े घरों के ताले तोड़कर चोरी की थी।

जेवर से लेकर गैस सिलेंडर तक
पुलिस ने जब इनके ठिकानों पर छापेमारी की, तो बरामद सामान की लंबी लिस्ट सामने आई। इनके पास से 2,66,000 रुपये नकद मिले। इसके अलावा सोने की दो अंगूठियां, दो लॉकेट, एक जोड़ी झुमके, तीन नथ और एक जोड़ी कान की बाली। इसके साथ चांदी की एक करधनी, दो जोड़ी पायल और पांच जोड़ी बिछिया शामिल है। साथ ही एक एचपी गैस सिलेंडर, तोशिबा टीवी, कीमती कंबल और एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू भी बरामद किया।
चोरी की एक एचएफ डीलक्स बाइक (बिना नंबर प्लेट), दो पुरानी नंबर प्लेट (UP32HU6380) और ताला तोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले पेचकश, प्लास व लोहे का बेल्चा।
अपराध का काला इतिहास
ये दोनों कोई नौसिखिए चोर नहीं हैं। राहुल गुप्ता का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा है। उस पर लखनऊ के विभिन्न थानों जैसे जानकीपुरम, इंदिरानगर, गाजीपुर, विकासनगर और सरोजनीनगर में 14 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, गोंडा के रहने वाले रामू कश्यप उर्फ करिया पर मड़ियांव और जानकीपुरम थानों में 8 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें चोरी के अलावा आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस (ड्रग्स) के मामले भी शामिल हैं।
पुलिस टीम की पीठ थपथपाई
इस सफल अनावरण के लिए चिनहट थाना प्रभारी और पूर्वी जोन की क्राइम टीम की सराहना की जा रही है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इन्होंने चोरी का सोना किसे बेचा था और इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है।
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