इंदौर जल त्रासदी पर CM मोहन यादव का बड़ा एक्शन, नगर निगम अपर आयुक्त हटाए गए, कलेक्टर को थमाया नोटिस
Sandesh Wahak Digital Desk: इंदौर में जहरीले पानी से हुई मौतों के बाद सरकार अब सफाई के मोड में है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मामले की उच्च स्तरीय समीक्षा करने के बाद लापरवाह अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता की जान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
इन अधिकारियों पर गिरी गाज
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर रिपोर्ट की समीक्षा की और निम्नलिखित फैसले लिए।
अपर आयुक्त (नगर निगम): इंदौर नगर निगम के अपर आयुक्त को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है। साथ ही उन्हें और निगमायुक्त को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।
अधीक्षण यंत्री: जल वितरण विभाग के प्रभारी अधीक्षण यंत्री से तत्काल प्रभाव से प्रभार छीन लिया गया है।
जिला कलेक्टर (DM): इंदौर कलेक्टर को भी इस लापरवाही के लिए जवाबदेह ठहराते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर की यह घटना बेहद दुखद है और इससे सबक लेते हुए पूरे प्रदेश में जल वितरण व्यवस्था को सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। आज शाम सभी 16 नगर निगमों के महापौर, अध्यक्ष, आयुक्त, कलेक्टर और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की एक आपात वर्चुअल बैठक बुलाई गई है। सीएम ने अधिकारियों को समयबद्ध कार्यक्रम (Time-bound program) बनाने को कहा है ताकि किसी भी अन्य शहर में ऐसी नौबत न आए।

