सीएम योगी ने समीक्षा बैठक में सभी विभागों को बजट खर्च में तेजी लाने के दिए निर्देश
Lucknow News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार सुबह वित्त विभाग और प्रदेश के प्रमुख 20 विभागों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक का मुख्य एजेंडा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आवंटित बजट के इस्तेमाल की प्रगति जांचना था। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि बजट का समय पर खर्च न होना विकास में बाधा है और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने उन विभागों के प्रति नाराजगी जताई जिनकी बजट व्यय की प्रगति धीमी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा, अधिकारी निर्णय लेने का सामर्थ्य विकसित करें। फाइलों को अटकाने से योजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पातीं, जिससे जनता को मिलने वाला लाभ रुक जाता है। हर स्तर पर एक-एक अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाए। लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी। वित्त विभाग को निर्देश दिए गए कि जिन विभागों का बजट किन्हीं कारणों से रुका है, उसे तत्काल जारी किया जाए।

दिल्ली जाकर करें पैरवी, केंद्र से लाएं पैसा
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से मिलने वाली सहायता के लिए अधिकारियों को प्रो-एक्टिव होने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन योजनाओं के लिए केंद्र से बजट आना है, उसके लिए विभागीय मंत्री, अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव खुद दिल्ली जाकर पैरवी करें। सिर्फ पत्र लिखकर न बैठें, बल्कि फोन और निजी मुलाकातों के जरिए बजट जारी करवाएं। मुख्यमंत्री कार्यालय उन मंत्रियों को पत्र जारी करेगा जिनके विभागों की प्रगति खराब है।
अगले बजट (2026-27) की तैयारी अभी से
मुख्यमंत्री ने भविष्य की योजना पर जोर देते हुए वित्त विभाग को निर्देश दिए कि आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की तैयारी अभी से शुरू कर दें। उन्होंने कहा कि नए बजट के आवंटन से पहले विभागों के पिछले पांच साल के खर्च के आंकड़ों की बारीकी से समीक्षा की जाए।

