सीएम योगी ने की ‘गोमती पुनर्जीवन मिशन’ की घोषणा, अधिकारियों संग विस्तृत कार्ययोजना पर हुई चर्चा
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोमती नदी को ‘स्वच्छ, अविरल और निर्मल’ बनाने के संकल्प के साथ ‘गोमती नदी पुनर्जीवन मिशन’ की ऐतिहासिक घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि पीलीभीत से गाजीपुर तक बहने वाली गोमती केवल एक नदी नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक विरासत और जीवनधारा की प्रतीक है।
रविवार को टेरिटोरियल आर्मी की पहल पर आयोजित गोमती टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने मिशन की विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की और इसे जन-आंदोलन बनाने की अपील की।

मिशन के तीन प्रमुख लक्ष्य और कार्ययोजना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोमती पुनर्जीवन मिशन के लिए तीन प्रमुख उद्देश्य निर्धारित किए हैं।
गोमती में सीवर की एक भी बूंद न गिरे, इसके लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक रणनीति बनाने के निर्देश दिए गए हैं। लक्ष्य है कि नगरीय सीवेज का 95 प्रतिशत से अधिक अवरोधन सुनिश्चित किया जाए। नदी प्रदूषण को न्यूनतम स्तर तक लाना। नदी किनारे के पर्यावरण और जीवन को संवर्धित करना।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए रणनीति
वर्तमान में गोमती में गिरने वाले 39 प्रमुख नालों में से 13 अब भी बिना उपचारित हैं। गोमती में 605 MLD क्षमता के साथ संचालित छह STP (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) को पूरी तरह प्रभावी बनाने के लिए नालों की दिशा मोड़ने, नए STP लगाने और पुराने संयंत्रों के उन्नयन की कार्ययोजना पर काम होगा। सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर सख्ती से प्रतिबंध लगाया जाएगा, क्योंकि यह सीवर सिस्टम को चोक करने और प्रदूषण बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाता है।
नदी का जैविक और सांस्कृतिक पुनर्जीवन
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मिशन केवल प्रदूषण नियंत्रण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नदी के जैविक, सांस्कृतिक और सौंदर्यात्मक पुनर्जीवन का माध्यम बनेगा। लखनऊ में इकाना वेटलैंड और साजन झील को नए वेटलैंड के रूप में विकसित किया जाएगा। नदी किनारे के अवैध अतिक्रमणों को हटाया जाएगा, घाटों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा और तटीय हरियाली बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नदी किनारे बसी अवैध बस्तियों में घुसपैठियों की पहचान कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाए, ताकि तटों पर स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
जन-सहभागिता और टास्क फोर्स की सक्रियता
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और समाज के हर वर्ग से इस मिशन को जनांदोलन बनाने की अपील की। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के अंतर्गत गठित इस टास्क फोर्स में भूतपूर्व सैनिकों, विशेषज्ञों, BBAU लखनऊ के प्रो. (डॉ.) वेंकटेश दत्ता और विभिन्न सरकारी विभागों के प्रतिनिधि शामिल हैं। लखनऊ में मंडलायुक्त को समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
टास्क फोर्स ने अब तक नदी तटों पर पैदल और नौका गश्त की है, एक हजार टन से अधिक जलकुंभी की सफाई की है, और 70,000 से अधिक नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की है। ‘नदी योग अभियान’ के तहत 21 अप्रैल से 21 जून 2025 तक 50,000 से अधिक नागरिकों ने हिस्सा लिया और 300 टन से अधिक जलकुंभी हटाई गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि टास्क फोर्स की मासिक बैठकें नियमित हों और त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाए। उन्होंने आवश्यक संसाधनों (जैसे ट्रैक बोट, फ्लोटिंग बैरियर) की उपलब्धता में कोई कमी न रखने का आश्वासन दिया।
Also Read: उन्नाव: मिशन शक्ति के तहत महिलाओं को किया जागरूक, सरकारी योजनाओं की दी जानकारी

