UP विधानसभा में सीएम योगी का सपा पर सीधा हमला, कोडीन कफ सिरप के मुद्दे पर कही ये बात
Sandesh Wahak Digital Desk: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज सदन में कोडीन कफ सिरप मामले पर सरकार का पक्ष रखते हुए समाजवादी पार्टी के ‘सिंडिकेट’ का कच्चा चिट्ठा खोल दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में इस सिरप से एक भी मौत नहीं हुई है और जो भी मौतें हुई हैं, उनका संबंध अन्य राज्यों (जैसे तमिलनाडु) में निर्मित सिरप से है।
यूपी में मौत का दावा झूठा, सिंडिकेट सपा का पुराना
मुख्यमंत्री ने सदन में सपा के आरोपों की धज्जियां उड़ाते हुए निम्नलिखित मुख्य बिंदु रखे। सीएम योगी ने कहा कि यूपी में कोडीन सिरप से कोई मौत नहीं हुई। यह मामला केवल ‘इललीगल डायवर्जन’ (अवैध आपूर्ति) का है। जिस सबसे बड़े होलसेलर को पकड़ा गया है, उसे 2016 में समाजवादी पार्टी की सरकार ने लाइसेंस जारी किया था।
सीएम ने सदन में आलोक सिपाही का नाम लिया और उसे “पक्का सपाई” बताया। साथ ही आरोपी अमित यादव की अखिलेश यादव के साथ फोटो का भी जिक्र किया।
लोहिया वाहिनी के खाते से अवैध लेन-देन
जांच का हवाला देते हुए सीएम ने बड़ा खुलासा किया कि इस काले कारोबार का अवैध पैसा लोहिया वाहिनी के एक पदाधिकारी के बैंक खाते के माध्यम से इधर-उधर किया गया। उन्होंने शुभम जायसवाल, अमित यादव, मिलिंद यादव, मनोज यादव और राजीव यादव जैसे नामों का उल्लेख करते हुए सिंडिकेट के सपा कनेक्शन को उजागर किया।
एसआईटी और एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत अब तक की कार्रवाई का डेटा पेश किया।
प्रदेश भर में 332 फर्मों पर छापे मारे गए।
अब तक 77 से अधिक अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
79 अभियोग दर्ज किए गए हैं और 136 फर्मों के खिलाफ सख्त NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
विपक्ष के हंगामे पर सीएम ने तीखा तंज कसा
“देश में ‘दो नमूने’ हैं (राहुल और अखिलेश), जब भी कोई गंभीर चर्चा होती है, वे देश छोड़कर भाग जाते हैं। आप यहां चिल्लाते रहेंगे और ‘बबुआ’ (अखिलेश) इंग्लैंड सैर पर निकल जाएंगे। लेकिन याद रखिए, समय आने पर इन माफियाओं पर बुलडोजर कार्रवाई होगी, तब चिल्लाइएगा नहीं।”
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