सीएम योगी ने 10 लाख से अधिक विद्यार्थियों को भेजे 300 करोड़, बोले- छात्रवृत्ति से कोई वंचित नहीं रहेगा

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को दशमोत्तर और पूर्वदशम छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम के तहत प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को बड़ी सौगात दी। सीएम योगी ने एक साथ 10 लाख 28 हजार 205 विद्यार्थियों के बैंक खातों में ₹300 करोड़ की छात्रवृत्ति राशि डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) के माध्यम से सीधे प्रेषित की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे, क्योंकि हर एक बच्चे में समाज को बदलने की क्षमता है।

डीबीटी से खत्म हुआ भ्रष्टाचार और विलंब

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पहले छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया में भेदभाव, विलंब और भ्रष्टाचार जैसी समस्याएं आम थीं। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में टेक्नोलॉजी आधारित डीबीटी प्रणाली लागू होने से अब पात्र छात्रों के खाते में राशि सीधे पहुंच रही है।

दो चरणों में वितरण: अब छात्रवृत्ति वर्ष में एक बार नहीं, बल्कि दो चरणों में (अक्टूबर और जनवरी) दी जाएगी, ताकि छात्रों को समय पर सहायता मिल सके।

लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि: वर्ष 2016-17 तक जहां केवल 8.64 लाख विद्यार्थी छात्रवृत्ति से लाभान्वित होते थे, वहीं अब यह संख्या 62 लाख तक पहुंच गई है।

कुल लाभ: पिछले आठ वर्षों में 4 करोड़ 27 लाख से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ दिया गया है।

वंचित छात्रों के लिए पोर्टल फिर सक्रिय

सीएम योगी ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी पात्र छात्र छात्रवृत्ति से वंचित न रहे। उन्होंने कहा, “गत वर्ष जिन विद्यार्थियों को संस्थानों की लापरवाही या पोर्टल की त्रुटियों के कारण छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई थी, उनके लिए पोर्टल को पुनः सक्रिय किया गया है। डेटा एंट्री पूरी होते ही एक विशेष समारोह में उन्हें भी डीबीटी के माध्यम से राशि दी जाएगी।”

बाबा साहब का संदेश: पढ़-लिखकर स्वावलंबी बनें

मुख्यमंत्री ने भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने कहा था कि पढ़-लिखकर ही हम स्वावलंबी बन सकते हैं और समाज के लिए कुछ कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी बाबा साहब ने शिक्षा के बल पर अपनी राह बनाई, और आज जब हमारे पास संसाधनों की कमी नहीं है, तब केवल मेहनत, अनुशासन और लगन की आवश्यकता है।

शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण की अन्य पहलें

सीएम योगी ने प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में शिक्षा-सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय के लिए चलाई जा रही कई योजनाओं का भी जिक्र किया।

अटल आवासीय विद्यालय: सभी 18 कमिश्नरी में संचालित, जहां श्रमिक परिवारों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा, आवास और भोजन की सुविधा मिल रही है।

आश्रम पद्धति विद्यालय: अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों के लिए उत्कृष्ट शिक्षा, आवास और भोजन की सुविधा।

कस्तूरबा बालिका विद्यालय: गरीब और वंचित वर्ग की बालिकाओं को इंटरमीडिएट स्तर तक निःशुल्क शिक्षा।

अभ्युदय कोचिंग योजना: प्रदेश के प्रत्येक जनपद में प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी का अवसर, जिससे छात्रों को बाहर नहीं जाना पड़ता।

पेंशन योजना: समाज कल्याण विभाग के माध्यम से 1 करोड़ 5 लाख परिवारों को ₹12,000 वार्षिक पेंशन (₹1,000 प्रति माह) डीबीटी के जरिए दी जा रही है, जो पहले केवल ₹300 मासिक थी।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: अब तक 4 लाख से अधिक बेटियों के विवाह कराए गए, जिसमें प्रत्येक विवाह हेतु ₹1 लाख की सहायता राशि दी जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में 25 करोड़ और उत्तर प्रदेश में 6 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे हैं। उन्होंने शताब्दी संकल्प 2047 को ध्यान में रखकर शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक न्याय के माध्यम से नवभारत के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।

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