हवा में तैरने वाली ट्रेन में सवार होंगे CM योगी, जापान की मैग्लेव तकनीक से बदलेंगे UP की रफ़्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी से सिंगापुर और जापान के चार दिवसीय विदेश दौरे पर रवाना हो रहे हैं। मुख्यमंत्री के रूप में उनके 9 वर्षों के कार्यकाल की यह पहली पूर्ण आधिकारिक विदेश यात्रा है (इससे पूर्व 2017 में वे म्यांमार गए थे)। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश में आधुनिक परिवहन तकनीक (Smart Transport) और ग्लोबल निवेश को आकर्षित करना है।
दौरे का सबसे बड़ा आकर्षण: मैग्लेव ट्रेन
जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री अत्याधुनिक मैग्लेव (Magnetic Levitation) तकनीक का अनुभव लेंगे। यह ट्रेन पारंपरिक पटरियों पर नहीं चलती, बल्कि चुंबकीय शक्ति के सहारे ट्रैक से ऊपर हवा में तैरते हुए (Levitate) चलती है। घर्षण न होने के कारण इसकी गति 600 किमी/घंटा तक पहुंच जाती है। सीएम योगी टोक्यो-नागोया मैग्लेव कॉरिडोर के परीक्षण ट्रैक पर लगभग 100 किलोमीटर की यात्रा करेंगे।
यूपी में एक्सप्रेसवे और मेट्रो के विस्तार के बाद, भविष्य की हाई-स्पीड कनेक्टिविटी के लिए मुख्यमंत्री इस तकनीक का गहराई से अध्ययन करेंगे।
यात्रा का पूरा शेड्यूल (22 – 26 फरवरी)
| दिनांक | स्थान | प्रमुख कार्यक्रम |
| 22 फरवरी | प्रस्थान | लखनऊ से सिंगापुर के लिए रवानगी। |
| 23-24 फरवरी | सिंगापुर | निवेशकों, उद्योगपतियों और प्रवासी भारतीयों से मुलाकात। डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स और ग्रीन एनर्जी पर फोकस। |
| 25-26 फरवरी | जापान | मैग्लेव ट्रेन का ट्रायल, टोक्यो-नागोया कॉरिडोर का निरीक्षण और जापानी कंपनियों के साथ निवेश बैठकें। |
निवेश और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल तकनीकी अवलोकन तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार का लक्ष्य निम्नलिखित क्षेत्रों में निवेश बढ़ाना है।
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मैन्युफैक्चरिंग और डेटा सेंटर: सिंगापुर की कंपनियों को यूपी में निवेश का आमंत्रण।
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अर्बन डेवलपमेंट: जापान की मदद से स्मार्ट सिटी और आधुनिक परिवहन मॉडल।
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हरित ऊर्जा (Green Energy): सतत विकास के लिए नई तकनीकों पर चर्चा।
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मंदिर दर्शन: अपनी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री जापान में सांस्कृतिक केंद्रों और मंदिरों के दर्शन भी करेंगे, जो भारत-जापान के सांस्कृतिक संबंधों को मजबूती प्रदान करेगा।

