यूपी के सबसे बड़े दवा बाजार में गैंग की जड़ें तलाश रहा CNB, विदेशों तक फैला है नारकोटिक्स का सिंडिकेट
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में असली दवाओं का सबसे बड़ा बाजार कहा जाने वाला अमीनाबाद का मेडिसिन मार्केट फिलहाल नकली और नशीली दवाओं के कारण सुर्खियों में है।

यह बाजार केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के रडार पर है। ब्यूरो के पास पुख्ता जानकारी है कि अमीनाबाद स्थित मेडिसिन मार्केट से नकली और नशीली दवाओं की बड़ी खेप न सिर्फ देश बल्कि विदेशों तक भेजी जा रही है। लखनऊ स्थित एएनटीएफ और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की सक्रियता उतनी पैनी नजर नहीं आने के बाद ही केंद्रीय ब्यूरो के बड़े अफसरों ने लखनऊ के बहाने पूरे प्रदेश में खुद डेरा डाल दिया है।

नकली व नशीली दवाओं से सुर्खियों में अमीनाबाद मेडिसिन मार्केट
दरअसल केंद्रीय टीम के अफसरों के पास जानकारी है कि प्रतिबंधित नारकोटिक्स दवाएं खासतौर से मेक्सिको के रास्ते विदेशों तक सप्लाई की जा रही हैं। इससे पहले लखनऊ में करोड़ों की ऐसी दवाएं डार्क वेब के जरिये विदेशों तक भेजने के आरोप में कई लोग पकडे गए थे। जिसमें 21 साल का इंजीनियरिंग छात्र दीपू भी था। अमीनाबाद स्थित मेडिसिन मार्केट के कुछ लोग इस काले धंधे से जुड़े हो सकते हैं। इसलिए ब्यूरो के अफसर छापेमारी अभियान के बहाने इस खेल की तह में जाने के प्रयास में हैं। इससे पहले जो गैंग पकड़ा गया था। वो विदेशों में प्रतिबंधित नारकोटिक्स दवाओं को अमीनाबाद से सिर्फ कुछ सौ रुपये में खरीदकर अमेरिका में सैकड़ों डॉलर में सप्लाई करता था। सूत्रों के मुताबिक मेक्सिको में इस गैंग की सरगना एक लडक़ी है।
जो मेडिसिन से जुड़े कारोबारियों को अपने लडक़ों के जरिये फर्जी प्रिस्क्रिप्शन भेजती है। अंतर्राष्ट्रीय सिंडिकेट के मुख्य आपरेटर अभी तक एजेंसियों की गिरफ्त से बाहर हैं।
केंद्रीय टीम के दखल के बाद धीरे-धीरे जाग रहे एफएसडीए के अफसर
शुक्रवार को एफएसडीए टीम ने अमीनाबाद मेडिसिन मार्केट स्थित मारूति ड्रग एजेंसी पर छापेमारी कर करीब एक लाख रुपये से अधिक की नारकोटिक्स ग्रुप की दवाएं सीज की है। सहायक आयुक्त बृजेश कुमार ने बताया कि मारूति एजेंसी के खिलाफ शक के आधार पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान स्टोर में लाखों रुपये की नारकोटिक्स ग्रुप की दवाएं मिलीं हैं। करीब 1.10 लाख रुपये की दवाओं को फ्रीज कर दिया गया है। मौके पर फर्म से चार संदिग्ध दवाओं के सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं। शुक्रवार को ही अमीनाबाद की न्यू मंगलम एजेंसी को बंद कराकर नोटिस चस्पा करा दी गई है।
कार्रवाई पर एसटीएफ की नजर
यूपी एसटीएफ भी केंद्रीय नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अफसरों की कार्रवाई पर नजर बनाये हुए है। एसटीएफ ने इससे पहले विदेशों तक फैले इस तंत्र से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया था। जिसमें खुलासा हुआ था कि मेक्सिको, रूस और अमेरिका समेत कई देशों तक प्रतिबंधित दवाओं की बड़ी खेप भेजी जा रही है। पूरा खेल स्याह इंटरनेट की काली दुनिया से संचालित होता है। बिटक्वाइन में भुगतान होता है। एसटीएफ गैंग से जुड़े सदस्यों की अकूत सम्पत्तियों के राज से भी वाकिफ है।
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