Unnao Rape Case: सजा निलंबन पर कांग्रेस का विरोध, शाहनवाज आलम ने उठाए गंभीर सवाल
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Sandesh Wahak Digital Desk: उन्नाव रेप कांड के दोषी पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा के निलंबन को लेकर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है।
अखिल भारतीय कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज आलम ने इसे न्यायिक नहीं बल्कि राजनीतिक फैसला करार दिया है।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय आरएसएस और भाजपा से जुड़े बलात्कारियों का मनोबल बढ़ाने वाला है, जिससे देशभर की महिलाओं में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा हुआ है।
साप्ताहिक ‘स्पीक अप’ कार्यक्रम की 227वीं कड़ी में शाहनवाज आलम ने कहा कि उम्रकैद की सजा काट रहे कुलदीप सिंह सेंगर को राहत देना महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर सत्ता की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
उन्होंने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट को इस फैसले को रद्द करना चाहिए और संबंधित न्यायाधीशों की भूमिका की भी समीक्षा होनी चाहिए।

शाहनवाज आलम ने आरोप लगाया कि सजा निलंबन से जुड़े दिल्ली हाईकोर्ट के दोनों न्यायाधीशों का पिछला रिकॉर्ड आरएसएस-भाजपा के कथित नैरेटिव को कानूनी वैधता देने वाला रहा है।
उन्होंने कहा कि न्यायाधीश हरीश वैद्यनाथ शंकर गोधरा दंगों के समय लोक अभियोजक रह चुके हैं और राम मंदिर मामले में भी आरएसएस से जुड़े संगठनों की ओर से वकालत कर चुके हैं।
साथ ही, उन्होंने छात्र नेताओं उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं बिना सुनवाई के खारिज किए जाने का भी जिक्र किया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जज शंकर का मार्च 2025 का एक बयान—जिसमें ब्राह्मण समुदाय की हिंदू पुनरुद्धारवाद में ऐतिहासिक भूमिका की बात कही गई थी—संविधान की भावना के विपरीत है।
शाहनवाज आलम ने न्यायाधीश सुब्रह्मण्यम प्रसाद पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वे बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज कर चुके हैं और ईशा फाउंडेशन से जुड़े कथित मामलों में सोशल मीडिया पोस्ट हटाने के निर्देश भी दे चुके हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि कुलदीप सिंह सेंगर को दी गई राहत से यह संदेश गया है कि सत्ता के संरक्षण में गंभीर अपराधों के दोषियों को बचाया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस-भाजपा के सत्ता में आने के बाद बलात्कार और महिला हिंसा के मामलों में अपराधियों के हौसले बढ़े हैं।
शाहनवाज आलम ने कहा कि “बलात्कार और महिला हिंसा मुक्त समाज के लिए जरूरी है कि भाजपा को सत्ता से हटाया जाए। यह हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है।”
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