Siddharthnagar News: यूपी सरकार के स्कूल विलय के फैसले पर भड़के कांग्रेसी, बोले- सुदूर गांव के बच्चों पर पड़ेगा बुरा असर
Siddharthnagar News: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 5000 प्राइमरी और जूनियर विद्यालयों को आपस में मर्ज (विलय) करने के फैसले का चौतरफा विरोध शुरू हो गया है। गुरुवार को सिद्धार्थनगर में कांग्रेसियों ने जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष काजी सुहेल अहमद के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने महामहिम राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी सदर को सौंपा और सरकार से इस जनविरोधी निर्णय को वापस लेने की मांग की।
छोटे बच्चों को जाना पड़ेगा दूर
इस अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष काजी सुहेल अहमद ने कहा कि प्रदेश सरकार का 5000 विद्यालयों को मर्ज करने का यह निर्णय युवा, छात्र और बेरोजगारों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इसका सबसे बुरा असर सुदूर गांवों के बच्चों पर पड़ेगा, क्योंकि उन्हें अब दूसरे गांवों में शिक्षा ग्रहण करने के लिए जाना पड़ेगा। इससे बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

काजी सुहेल अहमद ने यह भी बताया कि इस फैसले से मिड-डे मील के तहत स्कूलों में काम करने वाले रसोइयों की नौकरी भी चली जाएगी, जिससे बेरोजगारी बढ़ेगी। इसके अलावा, बी.एड. और बी.टी.सी. डिग्री धारक युवाओं के लिए भी नौकरी की मुश्किलें खड़ी होंगी।
कांग्रेस ने की फैसले की निंदा
इसी क्रम में पूर्व प्रत्याशी देवेन्द्र गुड्डू, जिला उपाध्यक्ष जावेद मोकीम और कृष्ण बहादुर सिंह ने भी प्रदेश सरकार के इस निर्णय की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह फैसला हर तरीके से युवाओं, छात्रों और बेरोजगार नौजवानों के हितों के विपरीत है। कांग्रेस पार्टी प्रदेश सरकार के इस निर्णय की घोर भर्त्सना करती है।

विरोध प्रदर्शन के दौरान सतीश चन्द्र त्रिपाठी, राम चन्दर पांडेय, रियाज़ मनिहार, सादिक अहमद, मैनुद्दीन प्रधान, मुकेश चौबे, रितेश त्रिपाठी, अब्दुल सलाम, अफसार अहमद, पवन पांडेय, ओमप्रकाश दूबे, ताहिर ख़ान, होरी लाल श्रीवास्तव, डॉ. प्रमोद कुमार, सुदामा प्रसाद, अकरम अली, शैलेन्द्र कुमार, राजेश शास्त्री, रियाजउद्दीन राईनी सहित तमाम कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कांग्रेस का कहना है कि सरकार को अपने इस फैसले पर फिर से विचार करना चाहिए और शिक्षा के अधिकार को सभी तक सुलभ बनाए रखना चाहिए।
रिपोर्ट: जाकिर खान
Also Read: जैकलीन फर्नांडीज को दिल्ली हाई कोर्ट से झटका, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में याचिका खारिज

