फतेहपुर-देवरिया में दो सरकारी कर्मचारियों की मौत पर कांग्रेस सख्त, अजय राय बोले- ‘SIR के दबाव में बनी भयावह स्थिति’
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने एसआईआर (मतदाता सूची पुनरीक्षण) कार्य की अत्यधिक दबाव और उच्च अधिकारियों की संवेदनहीनता के कारण फतेहपुर और देवरिया में हुई दो सरकारी कर्मचारियों की मौत पर गहरा रोष व्यक्त किया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर पूरे प्रदेश में “अराजक” स्थिति बताया और कहा कि प्रदेश सरकार और चुनाव आयोग का आचरण संवेदनहीन है।
फतेहपुर और देवरिया की घटना
लेखपाल सुधीर कुमार आत्महत्या (फतेहपुर): बिंदकी कोतवाली के बाग बादशाही खजुहा निवासी लेखपाल सुधीर कुमार ने एसआईआर कार्य की अधिकता और उच्च अधिकारियों के दबाव के चलते 25 नवंबर 2025 को अपने घर पर आत्महत्या कर ली थी।
अजय राय जी ने घटना के तुरंत बाद फतेहपुर पहुंचकर मृतक लेखपाल के परिजनों से मिलकर अपनी संवेदना प्रकट की थी। एसआईआर कार्य की अधिकता के दबाव में तबीयत खराब होने से देवरिया जनपद में बीएलओ रंजू दुबे की भी मौत हो गई।
प्रदेश अध्यक्ष देवरिया पहुंचे: अजय राय जी आज (28 नवंबर) देवरिया जनपद पहुँचे और रंजू दुबे के परिजनों को सांत्वना दी। इसके बाद वह रुद्रपुर, देवरिया में लेखपालों द्वारा आयोजित धरने में भी शामिल हुए।

अजय राय ने जताया रोष
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने धरने में शामिल होते हुए कहा कि उच्च अधिकारी बीएलओ पर न सिर्फ काम का दबाव बना रहे हैं, बल्कि अनुचित कार्य का भी दबाव बना रहे हैं। “प्रदेश में आए दिन कहीं न कहीं कार्य के दबाव के चलते किसी बीएलओ की मौत हो जा रही या फिर वह स्वयं आत्महत्या करने को विवश हो जा रहे हैं। यह स्थिति बहुत ही भयावह है और प्रदेश सरकार और चुनाव आयोग का आचरण संवेदनहीन है।” उन्होंने मात्र एक महीने में एसआईआर प्रक्रिया पूरी करवाने को ‘एक जिद की सिवा कुछ नहीं’ बताया और पूरी चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर संशय व्यक्त किया।
कांग्रेस की मांगें
प्रदेश में मृत हुए सभी बीएलओ के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए। मृतक परिवार में किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए। एसआईआर की समयसीमा बढ़ाई जाए। बीएलओ के साथ मानवीय व्यवहार किया जाए।
गौरतलब है कि अजय राय के निर्देश पर आज प्रदेश के सभी जनपदों में कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने लेखपाल संघ द्वारा आयोजित धरनों में शामिल होकर अपना समर्थन व्यक्त किया।
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