यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस को तगड़ा झटका: नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने छोड़ी पार्टी, बोले- ‘जल्द करेंगे नई शुरुआत’
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों की सरगर्मी के बीच कांग्रेस पार्टी को एक बड़ा सियासी नुकसान झेलना पड़ा है। पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने शनिवार को कांग्रेस से अपने पद और सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उनके साथ करीब 72 अन्य कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भी पार्टी छोड़ दी है, जिसमें दो दर्जन के करीब पूर्व विधायक शामिल हैं।
‘अन्याय के खिलाफ लड़ाई नहीं लड़ पा रहा था’
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अपना इस्तीफा सौंपते हुए एक भावुक लेकिन स्पष्ट बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि वे कांग्रेस में इस उम्मीद के साथ आए थे कि जातिवाद, संप्रदायवाद और समाज में हो रहे अन्याय के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ सकें।
सिद्दीकी ने आगे कहा, “मुझे कांग्रेस के किसी भी पदाधिकारी से कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है, लेकिन जिस मकसद और काम के लिए मैं पार्टी में शामिल हुआ था, वह पूरा नहीं हो पा रहा है। कांग्रेस के भीतर रहकर मैं यह लड़ाई नहीं लड़ पा रहा था, इसीलिए इस्तीफा देना ही सही समझा।”
72 साथियों का साथ और ‘नई राह’ की तलाश
नसीमुद्दीन सिद्दीकी अकेले नहीं गए हैं, बल्कि उनके साथ पार्टी छोड़ने वालों की एक लंबी फेहरिस्त है। उनके साथ करीब 72 लोगों ने इस्तीफा दिया है। भविष्य के कदम को लेकर उन्होंने कहा कि अभी वह अपने सभी साथियों से मशविरा कर रहे हैं। जिस दल या रास्ते पर सबकी सहमति बनेगी, उसी के साथ जुड़कर जनता के हक की लड़ाई आगे बढ़ाई जाएगी।
कांग्रेस के लिए बढ़ सकती हैं मुश्किलें
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मुस्लिम मतदाताओं के बीच नसीमुद्दीन सिद्दीकी की अच्छी पकड़ मानी जाती है। चुनावों के मुहाने पर खड़े उत्तर प्रदेश में उनके जाने से कांग्रेस के जमीन स्तर के संगठन और वोट बैंक पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सिद्दीकी का अगला पड़ाव कौन सी पार्टी होगी समाजवादी पार्टी, बसपा या फिर कोई नई राह।

