बी. सुदर्शन रेड्डी और लालू यादव की मुलाकात पर विवाद, पूर्व न्यायधीशों ने जताई आपत्ति
Sandesh Wahak Digital Desk: उपराष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले विपक्षी इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी की राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मुलाकात ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस मुलाकात को लेकर आठ पूर्व उच्च न्यायालय न्यायाधीशों ने एक खुला पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।
पत्र में सेवानिवृत्त न्यायाधीशों ने कहा कि यह जानना निराशाजनक है कि रेड्डी ने लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की, जो चारा घोटाला मामले में दोषी हैं। उन्होंने लिखा कि इस मुलाकात को चुनावी कारणों से सही नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि लालू यादव न तो सांसद हैं और न ही उपराष्ट्रपति चुनाव में वोट दे सकते हैं।
पूर्व न्यायाधीशों ने रेड्डी पर सवाल उठाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जैसे पद पर रहने वाले व्यक्ति, जिनकी देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों में से एक पर बैठने की महत्वाकांक्षा है, के लिए इस तरह की संदिग्ध मुलाकात उनके निर्णय पर गंभीर सवाल उठाती है। उन्होंने कहा कि यह चिंताजनक है कि रेड्डी ने अपनी न्यायिक पृष्ठभूमि के बावजूद एक ऐसे व्यक्ति से मुलाकात की, जिसके आपराधिक कृत्यों की पुष्टि भारतीय अदालतों द्वारा हो चुकी है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि यह घटना उन लोगों के पक्षपात को दर्शाती है जो खुद को संवैधानिक नैतिकता का संरक्षक कहते हैं। उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि ये लोग अपने स्वार्थ और राजनीतिक फायदे के लिए गंभीर चूकों को नजरअंदाज करने को तैयार हैं। पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में बॉम्बे, झारखंड, इलाहाबाद, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, केरल और राजस्थान उच्च न्यायालय के आठ पूर्व न्यायाधीश शामिल हैं। इस पत्र ने उपराष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है।

