Corona Alert: अयोध्या में बढ़ी सतर्कता, मॉक ड्रिल की तैयारी शुरू, हाई अलर्ट पर प्रशासन
Sandesh Wahak Digital Desk: देश में कोरोना वायरस एक बार फिर सिर उठाने लगा है। कई राज्यों में संक्रमण के नए मामले सामने आने के बाद रामनगरी अयोध्या को सतर्कता के केंद्र में रखा गया है। यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और लगातार हो रहे धार्मिक आयोजनों को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मॉक ड्रिल की तैयारी की जा रही है और चिकित्सा टीमें पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ चुकी हैं।
देशभर से बढ़े कोरोना केस, अयोध्या को किया गया फोकस प्वाइंट
बीते कुछ हफ्तों में केरल, महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु जैसे राज्यों से 250 से अधिक नए कोरोना मामले रिपोर्ट किए गए हैं। ऐसे में अयोध्या जैसे तीर्थ स्थल पर जहां रोजाना हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं, वहां संक्रमण का खतरा अधिक बना रहता है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अयोध्या में अलर्ट जारी कर दिया है।
कोविड को लेकर हाई लेवल मीटिंग, मॉक ड्रिल का निर्णय
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार बनियान ने हालात की गंभीरता को भांपते हुए डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। बैठक में यह तय किया गया कि जल्द ही अयोध्या में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी को जमीन पर परखना और संसाधनों की जांच करना है। डॉ. बनियान ने कहा फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन हम कोरोना को हल्के में नहीं ले सकते। मॉक ड्रिल के जरिए हमारी तैयारियों को परखा जाएगा और लोगों को जागरूक किया जाएगा।
JN.1 वैरिएंट से बढ़ी चिंता, लेकिन स्थिति नियंत्रण में
विशेषज्ञों के अनुसार, कोविड-19 का नया वैरिएंट JN.1 दुनिया के कई हिस्सों में तेज़ी से फैल रहा है। हालांकि भारत में अभी तक हालात नियंत्रण में हैं, फिर भी सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियां किसी भी चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहतीं।
अयोध्या, जहां देशभर से लाखों श्रद्धालु आते हैं, संक्रमण फैलने की संभावना ज्यादा है। एक छोटी सी लापरवाही भी बड़े खतरे का रूप ले सकती है। यही वजह है कि यहां हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है मास्क, सैनिटाइजेशन, मेडिकल टीमों की तैनाती और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
कोरोना की वापसी के संकेतों के बीच अयोध्या जैसे धार्मिक नगरी में उठाए जा रहे एहतियाती कदम बेहद जरूरी हैं। मॉक ड्रिल, मेडिकल तैयारियां और लोगों को जागरूक करने का अभियान यह सुनिश्चित करेगा कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ-साथ उनकी सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जाए।
Also Read: सलमान खान की सुरक्षा में फिर सेंध, दो दिनों में दो घुसपैठ की घटनाएं, महिला समेत दो गिरफ्तार

