कफ सिरप तस्करी: UP STF ने 100 करोड़ के सिंडिकेट से जुड़े ‘अमित टाटा’ को लखनऊ से किया गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने फेन्सिडिल (Phensedyl) कफ सिरप की अंतर्राष्ट्रीय तस्करी के बड़े सिंडिकेट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए, मुख्य आरोपी अमित सिंह टाटा को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि यह सिंडिकेट ₹100 करोड़ से अधिक के अवैध कारोबार से जुड़ा है, जिसके तार अब पूर्वांचल के एक बाहुबली से भी जुड़ रहे हैं।
अंतर्राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क
अमित सिंह टाटा को गुरुवार को लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाने से लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। अमित टाटा की गिरफ्तारी सहारनपुर से पहले पकड़े गए विभोर राणा के सिंडिकेट से जुड़े होने के कारण हुई है।
फरार मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल ने ही अमित टाटा के लिए वाराणसी में श्री मेडिकल और धनबाद में देव कृपा मेडिकल के नाम से फर्जी फर्मे बनवाई थीं। इन फर्मों का इस्तेमाल विभोर राणा और शुभम जायसवाल के साथ मिलकर नशीले कफ सिरप की तस्करी के लिए किया जा रहा था। यह अवैध कफ सिरप उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, असम और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों से होते हुए पड़ोसी देश बांग्लादेश तक सप्लाई किया जा रहा था।
बाहुबली और ED कनेक्शन
विभोर राणा के सिंडिकेट को शुभम जायसवाल की शैली ट्रेडर्स के माध्यम से ₹100 करोड़ से अधिक का फेन्सिडिल कफ सिरप मिला था। अमित टाटा की गिरफ्तारी के बाद, तस्करी के तार अब पूर्वांचल के एक बाहुबली से भी जुड़े हैं। STF के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस माफिया कनेक्शन और मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। एसटीएफ की टीम ने 11 नवंबर को सहारनपुर से विभोर राणा, उसके भाई विशाल सिंह राणा समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से ही अमित टाटा रडार पर था।

