दिल्ली जमीन हड़पने का मामला, स्वामी चैतन्यानंद की अग्रिम जमानत पर कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला
Sandesh Wahak Digital Desk: दिल्ली के वसंत कुंज स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट की करोड़ों की जमीन को ट्रस्ट बनाकर हड़पने के आरोपों से जुड़े मामले में, आरोपी स्वामी चैतन्यानंद (उर्फ स्वामी पार्सारथी) की अग्रिम जमानत याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की तीखी दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने इस पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
स्वामी चैतन्यानंद के वकील ने कोर्ट में इन आरोपों का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला एक सुनियोजित साजिश है। वकील ने दावा किया कि 19 सितंबर को जब स्वामी आश्रम से बाहर गए, तभी उनके खिलाफ एक के बाद एक तीन एफआईआर दर्ज करा दी गईं। न तो जमीन बेची गई है और न ही कोई सेल डीड की गई है। ट्रस्ट पिछले 15 सालों से काम कर रहा है और स्वामी ने कभी अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल नहीं किया।
वकील ने मुरली नामक व्यक्ति पर पूरे ट्रस्ट पर कब्जा करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। वकील ने सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि स्वामी जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार हैं, इसलिए उन्हें हिरासत में लेने की कोई जरूरत नहीं है।
दिल्ली पुलिस का कड़ा विरोध
दिल्ली पुलिस ने अग्रिम जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की मांग की। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि आरोपी ने दो पैन कार्ड, दो पासपोर्ट और फर्जी आधार कार्ड बनवा रखे हैं। वह खुद को यूएन प्रतिनिधि और प्रधानमंत्री की नेशनल एडवाइजरी कमेटी का सदस्य बताकर लोगों को भ्रमित करता है।
पुलिस ने दावा किया कि आरोपी के खिलाफ यौन शोषण से जुड़ी शिकायतें भी हैं। पुलिस के अनुसार, लगभग 20 करोड़ रुपये की रिकवरी होनी बाकी है और 10 अलग-अलग जगहों पर ले जाकर पूछताछ करना जरूरी है। जुलाई से अब तक 60 लाख रुपये नकद निकाले गए हैं और आरोपी ने यूनाइटेड नेशंस का फर्जी नंबर भी इस्तेमाल किया है।
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