‘मुंह ढक लीजिए कि आप लखनऊ में हैं’, इकाना में मैच रद्द होने पर अखिलेश यादव ने कसा तंज
Sandesh Wahak Digital Desk: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली जा रही 5 मैचों की टी-20 सीरीज का चौथा मुकाबला बुधवार को बिना एक भी गेंद फेंके रद्द कर दिया गया। राजधानी लखनऊ के इकाना स्टेडियम में घने कोहरे और प्रदूषण की मोटी परत (स्मॉग) के कारण विजिबिलिटी इतनी कम हो गई कि खेल संभव नहीं हो सका। आधिकारिक तौर पर इसे खराब मौसम की वजह बताया गया है, लेकिन इस मुद्दे पर अब प्रदेश की राजनीति गरमा गई है।
दिल्ली का प्रदूषण अब लखनऊ तक पहुँच गया है। इसीलिए लखनऊ में आयोजित होनेवाला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच नहीं हो पा रहा है। दरअसल इसकी वजह कोहरा या फ़ॉग नहीं, स्मॉग है।
हमने जो पार्क लखनऊ की शुद्ध हवा के लिए बनवाए थे, भाजपा सरकार वहाँ भी इंवेटबाजी करवाकर उन्हें बर्बाद करना चाहती… pic.twitter.com/X71TvretcV
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) December 17, 2025
अखिलेश यादव का सरकार पर हमला
समाजवादी पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने स्टेडियम की तस्वीरें साझा करते हुए सीधे तौर पर प्रदूषण को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा दिल्ली का प्रदूषण अब लखनऊ तक पहुंच गया है। इसकी बड़ी वजह कोहरा (Fog) नहीं, बल्कि स्मॉग (Smog) है। हमने जो पार्क लखनऊ की शुद्ध हवा के लिए बनवाए थे, भाजपा सरकार वहां इवेंटबाजी करवाकर उन्हें बर्बाद कर रही है। मुंह ढक लीजिए कि आप लखनऊ में हैं।
शशि थरूर ने भी उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी उत्तर भारत के शहरों में बढ़ते प्रदूषण और बीसीसीआई (BCCI) के शेड्यूलिंग पर सवाल उठाए। उन्होंने एक्स (X) पर लिखा कि उत्तर भारत के शहरों में AQI 411 तक पहुंच गया है, ऐसे में मैच तिरुवनंतपुरम जैसे शहरों में कराना चाहिए था, जहां AQI अभी भी 68 के आसपास है।
विवादों में बीसीसीआई का शेड्यूल
सर्दियों के महीनों में उत्तर भारत में कोहरा और प्रदूषण एक बड़ी समस्या रहती है। ऐसे में लखनऊ, न्यू चंडीगढ़ और धर्मशाला जैसे केंद्रों पर अंतरराष्ट्रीय मैचों का आयोजन करने के बीसीसीआई के फैसले की कड़ी आलोचना हो रही है। क्रिकेट प्रेमियों का कहना है कि जब विजिबिलिटी कम होने का पूर्वानुमान था, तो प्रशंसकों की उम्मीदों और खिलाड़ियों की सुरक्षा के साथ समझौता क्यों किया गया?
अब सीरीज का अगला रुख अगले मुकाबले पर होगा, लेकिन लखनऊ का यह मैच रद्द होना पर्यावरण और प्रबंधन दोनों मोर्चों पर बड़े सवाल छोड़ गया है।
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