सीपी राधाकृष्णन आज लेंगे उपराष्ट्रपति पद की शपथ, छात्र आंदोलन से लेकर देश के दूसरे शीर्ष पद तक का सफर
Sandesh Wahak Digital Desk: देश के 17वें उपराष्ट्रपति चुने गए सीपी राधाकृष्णन आज (शुक्रवार, 12 सितंबर) पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सुबह 10 बजे राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उन्हें शपथ दिलाएंगी। राधाकृष्णन ने 9 सितंबर को हुए चुनाव में इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को 152 मतों के बड़े अंतर से हराया था।
एक असाधारण राजनीतिक करियर
सीपी राधाकृष्णन का सार्वजनिक जीवन एक छात्र आंदोलन से शुरू हुआ था और वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़कर सक्रिय राजनीति में आए।
पार्टी में भूमिका: वे 2004 से 2007 तक तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष रहे। इस दौरान उन्होंने देश की नदियों को जोड़ने, आतंकवाद के खात्मे और समान नागरिक संहिता लागू करने जैसे मुद्दों पर 19,000 किलोमीटर की रथ यात्रा निकाली थी। उन्हें संगठन और प्रशासन दोनों का मजबूत अनुभव है।
राज्यपाल: उपराष्ट्रपति चुने जाने से पहले वे महाराष्ट्र के राज्यपाल थे, जहाँ से उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले वे झारखंड के राज्यपाल भी रह चुके हैं और उन्होंने तेलंगाना व पुडुचेरी के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला था।
संसदीय अनुभव: वे 1998 और 1999 में कोयंबटूर से दो बार लोकसभा सांसद चुने गए थे। सांसद रहते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण संसदीय समितियों में काम किया और 2004 में संयुक्त राष्ट्र महासभा को भी संबोधित किया था।
विनम्र और सुलझे हुए नेता
ओबीसी समुदाय कोंगु वेल्लार से आने वाले राधाकृष्णन को एक विनम्र और सुलभ नेता के रूप में जाना जाता है। उनके समर्थक उन्हें प्यार से ‘तमिलनाडु का मोदी’ कहकर बुलाते हैं। उनका सार्वजनिक जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक स्वयंसेवक के रूप में शुरू हुआ था, जो आज देश के दूसरे सबसे बड़े संवैधानिक पद तक पहुँच गया है।
यह चुनाव जगदीप धनखड़ के 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों से दिए गए इस्तीफे के बाद कराया गया था, जिनका कार्यकाल अभी दो साल बाकी था।
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