कच्चा तेल हुआ महंगा, ईरान ने बंद किया होर्मुज का रास्ता, भारत के बजट पर मंडराया खतरा
Sandesh Wahak Digital Desk: ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग के चलते गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 2 प्रतिशत से अधिक की भारी बढ़त दर्ज की गई। सप्लाई चेन टूटने और ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को बंद किए जाने से कच्चे तेल के दाम सातवें आसमान पर पहुँच गए हैं।
ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, होर्मुज के समुद्री रास्ते से गुजर रहे एक मालवाहक जहाज पर हमला हुआ, जिससे सप्लाई रूट में दहशत फैल गई।
ब्रेंट क्रूड: अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट 2.43% उछलकर 83.26 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया।
WTI क्रूड: अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट 2.63% बढ़कर 76.63 डॉलर प्रति बैरल तक जा पहुँचा।
भारत अपनी जरूरत का 85% तेल विदेशों से मंगवाता है। ऐसे में तेल की कीमतों में लगी यह आग भारत के आयात बिल (Import Bill) को बिगाड़ सकती है। गणना के अनुसार, यदि कच्चे तेल की कीमत में सालभर के लिए महज 1 डॉलर की भी बढ़त होती है, तो भारत सरकार को करीब 16,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ेंगे।
राहत की बात यह है कि सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत फिलहाल सुरक्षित स्थिति में है। देश के पास फिलहाल करीब 25 दिनों का कच्चा तेल और 25 दिनों के पेट्रोलियम उत्पादों का स्टॉक मौजूद है। इसमें वे जहाज भी शामिल हैं जो अभी रास्ते में हैं। भारत ने अब अपनी निर्भरता केवल मिडिल ईस्ट पर नहीं रखी है। पिछले कुछ सालों में भारत ने रूस, अफ्रीका और अमेरिका से तेल आयात बढ़ा दिया है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने का खतरा पहले के मुकाबले कम हुआ है।
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