लखनऊ में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, 6 गिरफ्तार, 1.30 करोड़ की डिजिटल करेंसी और 26 लाख कैश बरामद

Sandesh Wahak Digital Desk: पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की क्राइम/सर्विलांस टीम और थाना बीबीडी पुलिस को संयुक्त कार्रवाई में बड़ी सफलता मिली है। टीम ने साइबर ठगी करने वाले गिरोह के 6 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से लगभग 1.30 करोड़ रुपये की डिजिटल करेंसी, 26 लाख रुपये नगद और बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए गए हैं।

14.80 करोड़ की ठगी से जुड़े है तार

गिरोह द्वारा उपयोग किए जा रहे म्यूल अकाउंट्स पर साइबर क्राइम पोर्टल में दर्ज 21 शिकायतों में करीब 14.80 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप सामने आया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी भोले-भाले लोगों को झांसा देकर उनके बैंक खाते खुलवाते थे और उन्हीं खातों से साइबर ठगी की रकम को ट्रांजैक्ट कर नकदी व डिजिटल करेंसी में बदलते थे।

मिली जानकारी के अनुसार 12 सितंबर की सुबह थाना बीबीडी पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि किसान पथ पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने एक कमरे में कुछ लोग साइबर फ्रॉड की योजना बना रहे हैं। टीम ने मौके पर दबिश देकर मुशीर अहमद, अनवर अहमद, अरशद अली, रिकू, अमित कुमार जायसवाल और अर्जुन भार्गव को गिरफ्तार कर लिया।

बरामदगी

पुलिस ने आरोपियों से 26 लाख रुपये नगद, 1 करोड़ 30 लाख 87,012 रुपये की डिजिटल करेंसी, 16 चेकबुक, 15 एटीएम कार्ड, 9 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 3 पैन कार्ड, 2 आधार कार्ड, 1 वोटर आईडी, ब्रेज़ा कार और सुपर स्प्लेंडर बाइक बरामद किए हैं।

पूछताछ में पता चला कि आरोपी पीड़ितों के बैंक खातों का उपयोग खुद करते थे। ठगी से अर्जित धनराशि को फॉरेक्स और डिजिटल करेंसी के जरिए दलालों को बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों पर बीएनएस की धाराओं 319(2), 318(4), 111(3), 3(5) तथा आईटी एक्ट की धारा 66सी के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अन्य राज्यों से भी आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है।

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