बलरामपुर में साइबर ठगी रैकेट का पर्दाफाश, 1.36 अरब रुपये से ज़्यादा की धोखाधड़ी; मुख्य आरोपी गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: बलरामपुर पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए एक और मुख्य आरोपी सौरभ कुमार को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह ऑनलाइन गेमिंग, बेटिंग और सट्टा ऐप्स का इस्तेमाल कर लोगों से 1.36 अरब रुपये से ज़्यादा की धोखाधड़ी कर चुका है। सौरभ की गिरफ्तारी के बाद अब तक इस मामले में कुल 13 लोग हिरासत में लिए जा चुके हैं।
कैसे काम करता था यह गिरोह?
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि यह गिरोह ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग से होने वाले मुनाफे को क्रिप्टोकरेंसी और फर्जी कंपनियों के ज़रिए विदेशी खातों में भेजता था। इस काम के लिए वे ऐसे बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे, जिनकी दैनिक लेनदेन की सीमा लाखों में थी। जब कोई खाता पकड़ा जाता था, तो वे तुरंत नया खाता खोल लेते थे। जांच में पता चला है कि इस गिरोह ने पाकिस्तान और चीन जैसे देशों में भी पैसे भेजे हैं। आरोपी सौरभ को कुल लेनदेन पर 2-3% का कमीशन मिलता था।
आरोपी के मोबाइल से मिले चौंकाने वाले सबूत
पुलिस ने सौरभ के मोबाइल से कई चौंकाने वाले सबूत बरामद किए हैं। उसके फोन से दो फर्जी आधार कार्ड मिले हैं, जिन पर सौरभ कुमार और सौरभ सिंघानिया के नाम थे। इसके अलावा, उसके मोबाइल में एक समझौता पत्र भी मिला है, जिसमें यह शर्त थी कि वह महिलाओं के साथ संबंध रखेगा, लेकिन शादी या कानूनी कार्रवाई का कोई दबाव नहीं होगा। उसके फोन से कई महिलाओं के साथ अश्लील बातचीत के सबूत भी मिले हैं।
पुलिस का कहना है कि वे इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। एसपी ने लोगों से साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी ठगी की सूचना तुरंत 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर देने की अपील की है।
रिपोर्ट: योगेंद्र त्रिपाठी
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