तेजी से से बढ़ रहा ‘शक्ति’ चक्रवात, कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, यूपी में भी दिखेगा असर

Sandesh Wahak Digital Desk: अरब सागर में बने चक्रवात ‘शक्ति’ (Cyclone Shakti) ने मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल दिया है। यहां एक तरफ जहां उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई की उम्मीद की जा रही थी, वहीं अब अगले कुछ दिनों तक बारिश की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग ने चेताया है कि इस चक्रवात के प्रभाव से यूपी समेत देश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

यूपी में फिर लौटेगा मानसून

दरअसल उत्तर प्रदेश में मानसून ने अभी पूरी तरह विदा नहीं ली है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अरब सागर में सक्रिय चक्रवात ‘शक्ति’ के चलते बादलों का रुख उत्तर प्रदेश की ओर हो सकता है, जिससे अगले 3-4 दिनों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बन रही है।

मौसम वैज्ञानिक डॉ. एस.एन. सुनील पांडेय के अनुसार, जम्मू-कश्मीर और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और 6 अक्टूबर को सक्रिय होने वाला एक और विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। इसका असर मध्य और पूर्वी यूपी में देखने को मिलेगा।

उन्होंने यह भी बताया कि 10 अक्टूबर के आसपास यूपी से मानसून की वापसी होगी, फिलहाल यह दक्षिण-पश्चिमी मानसून वापसी रेखा के पास रुका हुआ है। रविवार को धूप निकलने के बाद अधिकतम तापमान 34.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

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100 किमी प्रति घंटा है चक्रवात ‘शक्ति’ की रफ़्तार

जमकारी के मुताबिक, अरब सागर में बने चक्रवात ‘शक्ति’ ने अब गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले लिया है। इसकी रफ्तार 100 किमी प्रति घंटा है और इससे तेज हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह चक्रवात गुजरात के द्वारका से लगभग 420 किमी दूर स्थित है और तेजी से पश्चिम-दक्षिण पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है।

माना जा रहा है कि, रविवार तक यह तूफान उत्तर पश्चिम और समीपवर्ती पश्चिम-मध्य अरब सागर तक पहुंच सकता है। इसके बाद सोमवार सुबह से यह पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ेगा और धीरे-धीरे कमजोर हो जाएगा।

गुजरात, महाराष्ट्र, केरल और तमिलनाडु पर खतरे की घंटी

बताया जा रहा है कि चक्रवात ‘शक्ति’ का असर सिर्फ उत्तर भारत ही नहीं, बल्कि पश्चिम और दक्षिण भारत के तटीय राज्यों पर भी देखने को मिलेगा। यहां गुजरात में द्वारका और पोरबंदर से 420-480 किमी दूर यह चक्रवात गंभीर स्थिति बना सकता है। अगले 12 घंटों में इसके और तेज होने की आशंका है। यहां मछुआरों को 8 अक्टूबर तक समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है। वहीं तमिलनाडु के 14 जिलों में भारी बारिश की संभावना के चलते रेड अलर्ट जारी किया गया है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों में सक्रिय मौसमी गतिविधियों के कारण तमिलनाडु, केरल और महाराष्ट्र में भी भारी वर्षा और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है।

चक्रवातों का इतिहास और ‘शक्ति’ की गंभीरता

हालांकि अरब सागर में चक्रवातों की संख्या बंगाल की खाड़ी की तुलना में कम रही है, लेकिन जब भी चक्रवात आए हैं, उन्होंने बड़ी तबाही मचाई है। यहां साल 2021 में ‘तौकते’ और साल 2023 में ‘बिपरजॉय’ जैसे तूफानों ने भारी नुकसान पहुंचाया था। अब इस बार ‘शक्ति’ नामक चक्रवात फिर से उसी खतरे की दस्तक दे रहा है। यह नाम भी उन्हीं 13 देशों की सूची से लिया गया है जो बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के चक्रवातों का नाम सुझाते हैं।

 

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