अफगानिस्तान में भीषण भूकंप से मृतकों की संख्या 1,457 हुई, राहत कार्य में चुनौतियां जारी
Sandesh Wahak Digital Desk: अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में आए विनाशकारी भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,457 हो गई है। इस प्राकृतिक आपदा में 3,394 से अधिक लोग घायल भी हुए हैं, जबकि 6,700 से ज्यादा घर पूरी तरह से ध्वस्त हो चुके हैं। दूर-दराज के इलाकों में बचाव और राहत कार्यों में अभी भी भारी मुश्किलें आ रही हैं।
तालिबान के उप प्रवक्ता हामदुल्लाह फिटरत ने बताया कि कुनार और नंगरहार प्रांतों में बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं। राहतकर्मी लगातार मलबे से शव निकालने में जुटे हैं, लेकिन अधिकारियों ने माना है कि बचाव अभियान अभी भी अधूरा है।
भूकंप से प्रभावित लोग भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधाओं की भारी कमी से जूझ रहे हैं। हालांकि, तालिबान प्रशासन का दावा है कि कई परिवारों तक मानवीय सहायता पहुँचाई गई है और दूरदराज के रास्ते भी खोल दिए गए हैं।
राहत कार्यों में देरी, भारत ने बढ़ाई मदद
स्थानीय लोगों और राहत एजेंसियों का कहना है कि मुश्किल पहाड़ी इलाकों और भारी तबाही के कारण सबसे ज़रूरतमंद लोगों तक पहुँचना बेहद कठिन हो रहा है। रेड क्रॉस, विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठन और भारत, जापान, ईरान, तुर्की जैसे देशों से भेजी गई विशेष टीमें राहत कार्यों में लगी हैं, लेकिन रास्ते में आ रही रुकावटों के कारण जरूरी सामान और चिकित्सा सेवाएँ पहुँचाने में देरी हो रही है।
भारत ने इस मुश्किल समय में अफगानिस्तान को तुरंत मदद भेजी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अफगान विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी से बात कर संवेदना व्यक्त की। जयशंकर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि काबुल में 1,000 परिवारों के लिए टेंट भेज दिए गए हैं और 15 टन खाद्य सामग्री भी तुरंत कुनार भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत और भी राहत सामग्री भेजेगा।
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