UP में डिफेंस कॉरिडोर को मिलेगा विस्तार, निवेश और रोजगार को नई रफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश (UP) को देश का प्रमुख डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में योगी सरकार लगातार ठोस और व्यावहारिक कदम उठा रही है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत पाइपलाइन में मौजूद निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए लगभग 1000 एकड़ अतिरिक्त भूमि आवंटन की तैयारी की जा रही है। राज्य सरकार की स्पष्ट डिफेंस इंडस्ट्रियल नीति, तेज निर्णय प्रक्रिया और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते देश और विदेश की कई बड़ी कंपनियां उत्तर प्रदेश (UP) डिफेंस कॉरिडोर में निवेश के लिए आगे आ रही हैं। उपलब्ध प्रस्तावों के अनुसार विभिन्न नोड्स में भूमि आवंटन के जरिए करीब 3.5 हजार करोड़ रुपये के निवेश की संभावना जताई जा रही है।
डिफेंस कॉरिडोर का प्रमुख केंद्र बनता झांसी नोड
उत्तर प्रदेश (UP) डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के अंतर्गत प्रस्तावित निवेश में झांसी नोड निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरा है। यहां गुडलक एस्ट्रा द्वारा 247 एकड़ भूमि पर लगभग 1000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। इसके साथ ही रेडवुड ह्यूजेस की ओर से भी 247 एकड़ भूमि पर करीब 700 करोड़ रुपये के निवेश की योजना सामने आई है। सिटाडेल और गुरुत्वा जैसी कंपनियां भी डिफेंस और एलाइड मैन्युफैक्चरिंग में बड़े निवेश की तैयारी कर रही हैं। झांसी में यह प्रस्तावित निवेश बुंदेलखंड क्षेत्र को एक मजबूत डिफेंस इंडस्ट्रियल क्लस्टर के रूप में विकसित करने के योगी सरकार के विजन को नई मजबूती देगा।

हाईटेक डिफेंस और ड्रोन सेक्टर को बढ़ावा
डिफेंस कॉरिडोर के अलीगढ़ फेज टू नोड में स्पेसकेम, मराल और जी वन ऑफशोर जैसी कंपनियों द्वारा केमिकल, ऑफशोर और डिफेंस सपोर्ट मैन्युफैक्चरिंग में निवेश प्रस्तावित किया गया है। वहीं चित्रकूट नोड में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड की ओर से 209.95 एकड़ भूमि पर 672 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव सामने आया है। इसके अलावा आईजी ड्रोन्स द्वारा ड्रोन टेक्नोलॉजी सेक्टर में 100 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई गई है। यह निवेश चित्रकूट को डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स और ड्रोन टेक्नोलॉजी के एक अहम केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
डिफेंस सपोर्ट और टेक्नोलॉजी यूनिट्स का विस्तार
राजधानी लखनऊ स्थित डिफेंस नोड में भी निवेश को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। यहां नेक्सा मुंबई, इंद्रप्रस्थ और प्रोमोटेक जैसी कंपनियों द्वारा कम भूमि में उच्च तकनीक आधारित डिफेंस सपोर्ट और टेक्नोलॉजी यूनिट्स लगाने के प्रस्ताव दिए गए हैं। इन निवेशों से डिफेंस सप्लाई चेन, आधुनिक तकनीक और सपोर्ट सिस्टम को मजबूती मिलने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश (UP) एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी को डिफेंस कॉरिडोर में इसके अलावा भी कई निवेश आवेदन प्राप्त हो रहे हैं, जिनके लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया अलग अलग चरणों में आगे बढ़ रही है।

UP में निवेश के लिए पर्याप्त भूमि
यूपीडा की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में संभावित निवेश को देखते हुए पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। निवेश प्रस्तावों को जल्द धरातल पर उतारने के लिए भूमि आवंटन से जुड़ी सभी आवश्यक प्रक्रियाओं और स्वीकृतियों का पालन किया जा रहा है। सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि निवेशकों को किसी तरह की अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े।
UP डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत प्रस्तावित भूमि आवंटन से हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। इससे डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय एमएसएमई तथा स्टार्टअप्स को भी डिफेंस सप्लाई चेन से जुड़ने का अवसर मिलेगा। योगी सरकार की यह पहल रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया अभियान को मजबूत आधार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

