UP: दान में मिली रक्षा मंत्रालय की 200 करोड़ की जमीन बेची, सीतापुर प्रशासन की जांच में फर्जीवाड़ा

Sandesh Wahak Digital Desk: यूपी में रक्षा मंत्रालय की कीमती जमीनों के साथ फ्रॉड अक्सर सुर्खियां बटोरता है। ताजा मामला सीतापुर जिले के सिधौली स्थित गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज की प्रबंध समिति का है। जिसने दान में मिली रक्षा मंत्रालय की 200 करोड़ से ज्यादा की कीमती जमीन फर्जी तरीके से बेच डाली।

सीतापुर प्रशासन की जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि के बाद डीएम डॉ. राजागणपति आर. ने इसकी विस्तृत रिपोर्ट लखनऊ स्थित सोसाइटी रजिस्ट्रार व रक्षा संपदा अधिकारी कार्यालय को भेजते हुए सख्त कार्रवाई की सिफारिश की है। शासन ने डीएम को इस संबंध में पिछले वर्ष 20 अगस्त और इस वर्ष 27 जनवरी को जांच के संबंध में पत्र भेजा था। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को भी जांच रिपोर्ट की प्रतिलिपि भेजी गयी है।

दो सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच के निर्देश

दरअसल पिछले वर्ष अगस्त में शिकायत मिलने के बाद सीतापुर डीएम ने एसडीएम सदर न्यायिक व उपनिबंधक सिधौली की दो सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच के निर्देश दिए थे। जांच टीम ने तकरीबन सवा सौ पेज की विस्तृत रिपोर्ट पांच फरवरी को डीएम को सौंपी है। जांच में सामने आया कि तत्कालीन राष्ट्रपति ने 11 सितंबर 1967 को सिधौली के बहादुरपुर गांव में सरकारी पड़ाव नाम से दर्ज सेना की 30.75 एकड़ भूमि (12.44 हेक्टेयर) को 23 हजार 690 रुपये के भुगतान के बाद सरकारी अनुदान अधिनियम के अधीन सिधौली स्थित गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज की संस्था को स्थानांतरित किया था।

इसके बाद सिधौली के निवासी व कॉलेज की प्रबंध समिति के तत्कालीन सचिव तोताराम जैन ने 9 अगस्त 1987 को सर्वोदय विद्यालय समिति नाम से दूसरी संस्था का गठन कर लिया। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि गांधी विद्यालय समिति सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम में 24 जनवरी 1950 को पंजीकृत की गयी थी। जबकि सर्वोदय विद्यालय समिति धार्मिक संस्था अधिनियम के तहत पंजीकृत है। स्थानांतरित भूमि की अनुमति सक्षम स्तर से नहीं ली गयी।

स्थलीय निरीक्षण में तमाम व्यवसायिक गतिविधियां

इसे सोसाइटी अधिनियम की धारा 5 क, खंड दो और तीन का उल्लंघन बताया गया है। ऐसे में कार्रवाई सोसाइटी रजिस्ट्रार और मध्य कमान के रक्षा सम्पदा अधिकारी (कैंट रोड)को करनी चाहिए। शिकायत डॉ कमल कुमार जैन ने की थी। जो संस्था के प्रबंधक भी हैं। एसडीएम सदर न्यायिक की रिपोर्ट के मुताबिक स्थलीय निरीक्षण में तमाम व्यवसायिक गतिविधियां मिली हैं।

1973 से 2006 के बीच 22 बैनामों के जरिये रक्षा मंत्रालय की जमीन को बेचने व दान में देना दस्तावेजों में दर्शाया गया है। इसमें 186 गाटा संख्या से जुड़े 20 विक्रय विलेख में गांधी विद्यालय समिति के ताराचंद माहेश्वरी (अध्यक्ष) व तोताराम जैन (सचिव) प्रथम पक्षकार और करुणा शंकर व रामपाल द्वितीय पक्षकार के रूप में दर्ज है। वहीं गाटा संख्या 224 व अन्य (शुद्धि पत्र) की जमीन दान पत्र के जरिये तोताराम जैन ने 2003 और 2006 में अपने नाम करवा ली। गाटा संख्या 155 व 151 की कीमती जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग पर है। जमीन पर अवैध कब्जों का जिक्र भी रिपोर्ट में है।

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