दिल्ली में मछुआरा समुदाय का आरक्षण के लिए प्रदर्शन, संजय निषाद बोले- यह उनका हक

Sanjay Nishad: दिल्ली में मछुआरा समुदाय के लोगों ने अनुसूचित जाति (एससी) श्रेणी में शामिल करने और आरक्षण देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने भी इस मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि संविधान के तहत इन लोगों को उनका हक मिलना चाहिए। सरकार को समुदाय के बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी भी उठानी चाहिए, ताकि उन्हें शिक्षा और दूसरी सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सके।

‘पिछली सरकारों ने वोट लिए, लेकिन लोगों को मझधार में छोड़ दिया’

मीडिया से बातचीत में संजय निषाद ने पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “पिछली सरकारें बेईमान थीं। उन्होंने अपने वोट तो हासिल कर लिए, लेकिन इन लोगों को मझधार में छोड़ दिया।”

उन्होंने कहा कि उनके पुरखों ने देश को आजाद कराने और संविधान बनाने में योगदान दिया था। इसलिए संविधान में मछुआरा समुदाय के लोगों के अधिकारों को जगह मिलनी चाहिए। संजय निषाद के मुताबिक, समुदाय की मांग है कि उसके अधिकारों को संविधान में स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाए।

उन्होंने उत्तराखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां शिल्पकार को एक जाति नहीं, बल्कि जातियों का समूह माना गया है। इसी तरह उत्तर प्रदेश में भी मछुआरा समुदाय को एक जाति के बजाय कई जातियों के समूह के रूप में मान्यता मिलनी चाहिए।

संजय निषाद ने कहा, “दिल्ली के निषाद अनुसूचित हैं तो यहां के निषाद क्यों नहीं।” उन्होंने मछुआरा समुदाय के लोगों को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र देने और उनके बच्चों को सरकारी स्तर पर पढ़ाने की मांग भी उठाई।

ओबीसी सूची से हटाकर एससी श्रेणी में शामिल करने की मांग

मछुआरा समुदाय के प्रदर्शनकारियों की मांग है कि उनके संवैधानिक अधिकारों को आधिकारिक मान्यता दी जाए और उन्हें संबंधित सूची में दर्ज किया जाए। वे चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश में भी समुदाय को कई जातियों के समूह के रूप में मान्यता मिले।

समुदाय की मांग है कि उसे अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की सूची से हटाकर अनुसूचित जाति (एससी) श्रेणी में उचित तरीके से शामिल किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने अपने पारंपरिक रोजगार का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि जल स्रोतों, नदियों और नदी किनारों से जुड़े उनके पारंपरिक रोजगार छिन गए हैं। इन्हें फिर से बहाल किया जाना चाहिए।

आरक्षण पर सरकार का अगला कदम अहम

मछुआरा समुदाय ने दिल्ली में यह प्रदर्शन एससी आरक्षण और संवैधानिक अधिकारों की मांग को लेकर किया। समुदाय के लोगों का कहना है कि उनकी मांगों पर विचार किया जाए और पात्रता के अनुसार उन्हें आरक्षण से जुड़ी सुविधाएं दी जाएं।

हालांकि, किसी समुदाय को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने के लिए संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। ऐसे में उत्तर प्रदेश में मछुआरा समुदाय की मांग पर सरकार का अगला कदम अहम होगा।

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