UP News: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य बोले- FDR तकनीक से बनीं सड़कें बन रहीं वरदान
Sandesh Wahak Digital Desk: उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि ग्रामीण सड़कों का विकास राष्ट्र निर्माण की बुनियाद है। उन्होंने शुक्रवार को लखनऊ में ‘सड़क निर्माण में एफडीआर तकनीक व ग्रीन टेक्नोलॉजी का उपयोग’ विषय पर आयोजित एक सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) में उत्तर प्रदेश की भूमिका अग्रणी रही है और FDR (Full Depth Reclamation) तकनीक ग्रामीण सड़कों के लिए वरदान साबित हो रही है।

‘FDR तकनीक से हो रही 20% लागत की बचत’
केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि उत्तर प्रदेश, PMGSY की सड़कों में FDR तकनीक अपनाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इस तकनीक से लगभग 6000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से 5200 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि इस तकनीक से लागत में लगभग 20% की कमी आई है, जिससे प्रति किलोमीटर करीब ₹13.75 लाख की बचत हो रही है। डिप्टी सीएम ने कहा कि FDR तकनीक से बनीं सड़कें अधिक टिकाऊ होती हैं और उनकी औसत आयु 15 साल तक होती है। साथ ही, यह पर्यावरण के अनुकूल भी है क्योंकि इससे कार्बन उत्सर्जन कम होता है और गिट्टी व डीजल की बचत होती है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का यह मॉडल देखकर 17 राज्यों के प्रतिनिधि इसका अध्ययन करने आए हैं।

‘हर घर नल की तरह हर घर सड़क से जोड़ना है’
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि समग्र विकास के लिए सड़क कनेक्टिविटी सबसे ज़रूरी है। उन्होंने कहा, पर्यावरण संतुलन के साथ, हमें ‘हर घर नल’ की तरह ‘हर घर सड़क’ से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि गांवों में रोड नेटवर्क बढ़ने से किसानों और ग्रामीण उद्यमों को फायदा हुआ है, जिससे आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास को गति मिली है। इस सेमिनार में केशव प्रसाद मौर्य ने इंडियन रोड कांग्रेस (IRC) का नाम बदलकर ‘भारतीय सड़क संघ’ करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने ग्राम्य विकास विभाग और यूपीआरआरडीए की एक पुस्तिका का भी विमोचन किया। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों के इंजीनियर, अधिकारी और विशेषज्ञ भी मौजूद रहे।

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