UP State Medical Faculty: डिप्टी सीएम ने प्रमुख सचिव से मेडिकल फैकल्टी के सलाहकारों पर मांगी रिपोर्ट
Sandesh Wahak Digital Desk: यूपी स्टेट मेडिकल फैकल्टी को दुधारू गाय समझकर मनमाने तरीके से पूर्व आईएएस सुधीर कुमार श्रीवास्तव को सलाहकार बनाकर 15 हजार रुपये रोजाना मानदेय देना अफसरों को भारी पड़ गया है।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अफसरों पर शिकंजा कसते हुए जहां शासन से तत्काल आख्या तलब की है। वहीं प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने भी अफसरों के पेंच कस दिए हैं। ‘संदेश वाहक’ ने 23 अप्रैल के संस्करण में ‘पूर्व आईएएस को सलाहकार बनाकर दे रहे 15 हजार मानदेय’ शीर्ष से खबर प्रकाशित की थी। जिसके बाद डिप्टी सीएम के सख्त तेवर देखकर अफसरों में हडक़ंप मच गया।

नियुक्ति की स्वीकृति देने वाले अफसरों का मांगा गया ब्योरा
पाठक ने चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों महकमों में तैनात सलाहकारों की सूची के साथ ही नियुक्ति की स्वीकृति देने वाले अफसरों का ब्योरा मांग लिया है। गुरुवार को मेडिकल फैकल्टी के सचिव आलोक कुमार और चिकित्सा शिक्षा विभाग के बड़े अफसर प्रशासनिक सलाहकार पूर्व आईएएस सुधीर श्रीवास्तव और दूसरे वित्तीय सलाहकार संजय श्रीवास्तव की नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज लेकर प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य पार्थ सारथी सेन शर्मा के दरबार में पहुंचे।
संदेश वाहक की खबर पर डिप्टी सीएम ने प्रमुख सचिव को पत्र भेजकर कई सवालों पर आख्या मांगी है। पाठक ने पूछा है कि चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में कितने सलाहकार रखे गए हैं। किसने नियुक्ति का एप्रूवल दिया है। अफसरों की गर्दन फंसनी तय है। इसी के बाद शासन में बैठक बुलाई गयी थी। प्रमुख सचिव ने अफसरों से सलाहकारों की नियुक्ति संबंधी जानकारी ली। फैकल्टी समेत चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय के अफसर बचाव में तर्क गढ़ते नजर आये। शर्मा ने फैकल्टी के सचिव आलोक कुमार से रिपोर्ट मांगी है।

देर रात तक अफसरों में मंथन, सलाहकार के इस्तीफे की चर्चा, बैठक बताकर फोन किये बंद
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के सख्त तेवरों और प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा पार्थ सारथी के साथ बैठक के बाद मेडिकल फैकल्टी के सारे अफसर सकते में आ गए। देर रात चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय में अफसरों के बीच मंथन होता रहा। प्रशासनिक सलाहकार पूर्व आईएएस सुधीर श्रीवास्तव से इस्तीफा लेने की बात भी सामने आ रही है। सचिव आलोक कुमार को रात साढ़े दस बजे तक कई फोन करने के बाद उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि मैं अभी बैठक में हूं। कुछ देर के बाद उन्होंने अपना फोन बंद कर लिया। अफसरों को डर है कि फैकल्टी में बाकी गड़बडिय़ां भी कहीं न सामने आ जाएं।
हमारे एप्रूवल के बिना कैसे नियुक्ति हुई, कार्रवाई होगी : ब्रजेश पाठक
मनमाने तरीके से रखे सलाहकारों के प्रकरण में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने संदेश वाहक से कहा कि प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा व स्वास्थ्य पार्थ सारथी सेन शर्मा से इस संबंध में विस्तृत आख्या मांगी गयी है। मेडिकल फैकल्टी, स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग में रखे गए सलाहकारों की पूरी सूची और एप्रूवल देने वाले अफसरों के नाम मांगे हैं। हमारे एप्रूवल के बिना कैसे नियुक्ति हो गयी। फाइल पर सारा ब्यौरा आएगा, तब कार्रवाई की जायेगी।
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