‘स्वस्थ शरीर में ही सृजनशील मन का विकास संभव’ सिद्धार्थ विवि परिसर में ओपन जिम बना आकर्षण का केंद्र
Sandesh Wahak Digital Desk: सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु (सिद्धार्थनगर) के विद्यार्थियों और स्टाफ के लिए कैंपस अब न केवल शिक्षा, बल्कि उत्तम स्वास्थ्य का भी केंद्र बन गया है। कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा हाल ही में लोकार्पित किए गए दो अत्याधुनिक ओपन जिम अल्प समय में ही छात्र-छात्राओं के बीच सकारात्मक जीवनशैली का प्रतीक बनकर उभरे हैं।
विद्यार्थियों और शिक्षक समुदाय में भारी उत्साह
विश्वविद्यालय परिसर के आनंद छात्रावास और यशोधरा छात्रावास के विद्यार्थी बड़ी संख्या में इन जिम सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं। सुबह-शाम न केवल छात्र, बल्कि परिसर में निवास करने वाले शिक्षक, कर्मचारी और उनके परिवारजन भी योग एवं व्यायाम के माध्यम से अपनी शारीरिक स्फूर्ति और मानसिक ताजगी को बढ़ा रहे हैं।
कुलपति प्रो. कविता शाह का विजन
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर कविता शाह ने शारीरिक स्वास्थ्य के महत्व पर बल देते हुए कहा “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ एवं सृजनशील मन का विकास संभव है। योग और नियमित व्यायाम केवल फिटनेस तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये मानसिक एकाग्रता, आत्म-अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। शैक्षणिक उत्कृष्टता की वास्तविक आधारशिला विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास ही है।”
प्रो. शाह ने आगे कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य एक ऐसा परिवेश तैयार करना है जहाँ छात्र तनावमुक्त होकर अपनी ऊर्जा और आत्मविश्वास को सुदृढ़ कर सकें।
भारतीय स्टेट बैंक का सराहनीय सहयोग (CSR)
विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित ये ओपन जिम भारतीय स्टेट बैंक (SBI), सिद्धार्थ विश्वविद्यालय शाखा द्वारा कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के अंतर्गत पूर्ण रूप से वित्तपोषित हैं। कुलपति ने इस सराहनीय पहल के लिए बैंक प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे विश्वविद्यालय समुदाय के लिए एक ‘दीर्घकालिक स्वास्थ्य उपहार’ बताया।
रिपोर्ट: जाकिर खान
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