डिजिटल अरेस्ट रैकेट का पर्दाफाश: लखनऊ में 95 लाख की ठगी, मुख्य आरोपी का मददगार MP से गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ में होम्योपैथिक विश्वविद्यालय के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. बी.एन. सिंह के साथ ₹95 लाख की बड़ी साइबर ठगी के मामले में उत्तर प्रदेश एसटीएफ (STF) को बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ ने इस ठग गिरोह के एक और सदस्य प्रदीप सोनी को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है।
यह मामला तब सामने आया था जब जालसाजों ने प्रोफेसर को खुद को कोरियर कंपनी का कर्मचारी बताकर धमकाया। इसके बाद, उन्होंने पुलिस अधिकारी बनकर व्हाट्सएप वीडियो कॉल किया, जिसमें उन्हें जेल भेजने की धमकी दी गई और तीन दिन के लिए ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लिया गया। इस दौरान उनसे ₹95 लाख की बड़ी राशि ठग ली गई।
गिरफ्तार आरोपी की भूमिका
गिरफ्तार जालसाज प्रदीप सोनी पर आरोप है कि उसने 10% कमीशन के लालच में अपने सात बैंक खाते इस ठग गिरोह को इस्तेमाल के लिए दिए थे। ठगी गई कुल रकम में से ₹35 लाख प्रदीप सोनी के खातों में ट्रांसफर किए गए थे।
एसटीएफ की जांच में यह खुलासा हुआ कि ठगों ने कुल 420 बार लेनदेन किया और रकम को 11 अलग-अलग स्तरों के बैंक खातों में घुमाया गया, जिससे मनी ट्रेल को छिपाया जा सके। इससे पहले, एसटीएफ इस मामले में मो. इकबाल और शाइन इकबाल नामक दो अन्य सदस्यों को महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर चुकी है। एसटीएफ अब इस गिरोह के सरगना रोहित लोधी उर्फ बिट्टू समेत अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।

