‘अदालत का आदेश न मानना न्यायपालिका की तौहीन’, कांग्रेस ने ASP अनुज चौधरी को लेकर सरकार को घेरा

Sandesh Wahak Digital Desk: संभल में हुई हिंसा और उसके बाद पुलिस अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने के अदालती आदेश ने उत्तर प्रदेश की सियासत में उबाल ला दिया है। शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में कांग्रेस पार्टी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस का कहना है कि कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद एएसपी अनुज चौधरी और अन्य पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज न करना लोकतंत्र और न्यायपालिका का अपमान है।

‘कानून से ऊपर नहीं है सरकार’

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव शहनवाज आलम ने प्रेस क्लब में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि संभल की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट ने एएसपी अनुज चौधरी समेत 15-20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा हीला-हवाली करना यह बताता है कि सरकार अपने ‘चहेते’ अधिकारियों को बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।

शहनवाज आलम ने दो टूक कहा, “अदालत के आदेश को नजरअंदाज करना संवैधानिक जिम्मेदारी से भागना है। यदि सरकार ही अदालत की अवमानना करेगी, तो जनता का न्याय व्यवस्था से भरोसा उठ जाएगा।”

क्या है पूरा विवाद?

यह पूरा मामला 24 नवंबर 2024 को संभल की जामा मस्जिद में हुए सर्वे के दौरान भड़की हिंसा से जुड़ा है। आलम नामक एक युवक के पिता ने कोर्ट में याचिका दायर की थी कि उनका बेटा उस दिन बिस्किट बेचने निकला था। आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में हुई फायरिंग में आलम को गोली लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। लंबी सुनवाई और साक्ष्यों को देखने के बाद सीजेएम कोर्ट ने पुलिस की भूमिका को संदिग्ध माना और मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।

प्रशासन की चुनौती और कांग्रेस का पलटवार

दिलचस्प बात यह है कि जहां एक तरफ कोर्ट का आदेश है, वहीं संभल जिला प्रशासन ने इसे ऊपरी अदालत में चुनौती देने की बात कही है। जिलाधिकारी के बयान कि ‘फिलहाल मुकदमा दर्ज नहीं होगा’ पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है।

यूपी कांग्रेस के संगठन मंत्री अनिल यादव ने कहा कि यह सीधे तौर पर अदालत को चुनौती देना है। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत अनुज चौधरी को गिरफ्तार करे और जेल भेजे। कांग्रेस पदाधिकारियों का आरोप है कि यूपी पुलिस अब ‘निष्पक्ष और धर्मनिरपेक्ष’ रहने के बजाय एक खास समुदाय के खिलाफ पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रही है।

लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में पुलिस व्यवस्था पूरी तरह राजनीतिक दबाव में काम कर रही है। शहनवाज आलम ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द ही कानून का पालन नहीं किया और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उप्र कांग्रेस के संगठन मंत्री अनिल यादव, पिछड़ा वर्ग के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव और नगर अध्यक्ष डॉ. शहजाद आलम सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।

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