मदरसे के हित के लिए जिला शिक्षा कार्यालय के द्वार हमेशा खुले रहेंगे: लोक नाथ मारासनी

नेपाल में मदरसों को लेकर अहम बैठक, सरकारी मदद का मिला आश्वासन

Sandesh Wahak Digital Desk: भारत-नेपाल सीमा से सटे नेपाल के कपिलवस्तु जिले में मदरसों से जुड़े मुद्दों पर एक अहम बैठक हुई। जामिया सिराजुल उलूम अल्सलफियाह के परिसर में हुई इस बैठक की अध्यक्षता मौलाना शामिम अहमद नदवी ने की, जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी लोक नाथ मारासनी का भव्य स्वागत किया गया।

जिला शिक्षा अधिकारी लोक नाथ मारासनी की नियुक्ति के बाद यह पहला मौका था जब वह इस मदरसे में आए थे। बैठक में मदरसों के मुद्दों, एनओसी (NOC) से जुड़े मामलों, सरकारी पाठ्यक्रम को लागू करने में आ रही दिक्कतों और बजट की कमी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। मौलाना नदवी ने शिक्षा अधिकारी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।

इस मौके पर लोक नाथ मारासनी ने मदरसों को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि मदरसों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाएगा और जिला शिक्षा कार्यालय के दरवाजे उनके लिए हमेशा खुले रहेंगे।

मदरसों को सरकार से उम्मीद

जामिया के अध्यक्ष मौलाना शामिम अहमद नदवी ने कहा कि मदरसों के योगदान को नजरअंदाज करना गलत है। उन्होंने सरकार से अपील की कि एनओसी समेत सभी प्रशासनिक और कानूनी बाधाओं को दूर किया जाए ताकि मदरसे अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभा सकें।

इस बैठक में उप-शिक्षा अधिकारी अर्जुन कुंवर, डॉ. मंजूर अहमद खां नदवी और मौलाना माशहूद खां नेपाली समेत कई शिक्षक और गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे। सभी ने मदरसों के महत्व पर जोर दिया और कहा कि ये शिक्षा और नैतिक मूल्यों के केंद्र हैं, जो समाज में शांति और एकता का संदेश देते हैं।

रिपोर्ट: जाकिर खान

 

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