ट्रंप का नया दांव, सुप्रीम कोर्ट के झटके के बाद 10 फीसदी ग्लोबल टैरिफ का ऐलान

Sandesh Wahak Digital Desk: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और न्यायपालिका के बीच की तकरार अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। सुप्रीम कोर्ट ने जब ट्रंप के टैरिफ लगाने के अधिकार को अवैध करार दिया, तो राष्ट्रपति ने ओवल ऑफिस से ही एक नए कानूनी प्रावधान (सेक्शन 122) का इस्तेमाल करते हुए सभी देशों पर तुरंत 10 फीसदी टैरिफ लागू करने का आदेश जारी कर दिया।

ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर हैरानी जताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, यह कितनी अजीब बात है कि कोर्ट मुझे किसी देश के साथ व्यापार पूरी तरह बंद करने या उसे बर्बाद करने की इजाजत देता है, लेकिन मैं उनसे 10 डॉलर की फीस (टैरिफ) नहीं वसूल सकता? मुझे यह कहने की इजाजत है कि आप अमेरिका में बिजनेस नहीं कर सकते, पर मैं चार्ज नहीं ले सकता। यह फैसला अमेरिका के लिए नहीं, बल्कि दूसरे देशों को बचाने के लिए लिया गया लगता है।

भारत सहित कई मित्र देशों पर बढ़ेगा बोझ

व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि यह 10 फीसदी का टैरिफ उन देशों पर भी लागू होगा जिनके साथ ट्रंप ने हाल ही में व्यापारिक समझौते किए थे। इनमें भारत, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ और जापान जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।

अस्थाई व्यवस्था: व्हाइट हाउस के अधिकारियों का कहना है कि यह 10% टैरिफ अभी ‘अस्थाई’ है। सरकार अन्य कानूनी रास्तों पर विचार कर रही है ताकि पहले से तय किए गए उच्च टैरिफ रेट्स को वापस लागू किया जा सके।

डील पर असर: अमेरिका ने उम्मीद जताई है कि टैरिफ बढ़ने के बावजूद भारत जैसे देश अपने पुराने व्यापारिक समझौतों और रियायतों को जारी रखेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने इंटरनेशनल इकोनॉमिक इमरजेंसी पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत टैरिफ लगाने पर रोक लगाई थी। कोर्ट का मानना था कि इमरजेंसी शक्तियों का इस्तेमाल इस तरह नहीं किया जा सकता। इसके जवाब में ट्रंप प्रशासन ने अब सेक्शन 122 का सहारा लिया है, जो राष्ट्रपति को व्यापार असंतुलन की स्थिति में शुल्क लगाने का अधिकार देता है।

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