तंबाकू उत्पादों पर टैक्स का ‘डबल अटैक’, 1 फरवरी से महंगी होगी सिगरेट और गुटखा
Sandesh Wahak Digital Desk: बजट सत्र से पहले केंद्र सरकार ने तंबाकू प्रेमियों को बड़ा झटका दिया है। 1 फरवरी 2026 से सिगरेट, गुटखा, जर्दा और अन्य तंबाकू उत्पादों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी होने जा रही है। सरकार ने इन उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) बढ़ाने का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, जिससे अब जीएसटी के साथ-साथ अतिरिक्त उत्पाद शुल्क भी चुकाना होगा।
कीमतों पर कैसे पड़ेगा असर?
सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले का हवाला देते हुए सरकार ने साफ किया है कि सिगरेट पर GST और एक्साइज ड्यूटी दोनों एक साथ लगाए जा सकते हैं।
सिगरेट पर अतिरिक्त बोझ: नई दरों के तहत सिगरेट की लंबाई और किस्म के आधार पर प्रति 1,000 स्टिक पर ₹2,050 से लेकर ₹8,500 तक का अतिरिक्त टैक्स लगेगा।
लंबी सिगरेट होगी महंगी: फिल्टर वाली और लंबी सिगरेट के दामों में सबसे ज्यादा उछाल देखने को मिलेगा क्योंकि कंपनियां टैक्स का पूरा बोझ ग्राहकों पर डालेंगी।
जीएसटी स्लैब में बदलाव: सरकार ने 28% वाले स्लैब को हटाकर अब केवल 18% या 40% की दर तय की है, जबकि सेस (Cess) को शून्य कर दिया गया है।
गुटखा और जर्दा पर ‘मशीन आधारित’ टैक्स
सरकार ने गुटखा और खाने वाले तंबाकू के लिए एक नया सिस्टम तैयार किया है। अब मशीनों की पैकिंग क्षमता के आधार पर टैक्स वसूला जाएगा। जितनी तेज और आधुनिक मशीन होगी, कंपनी को उतना ही अधिक टैक्स देना होगा। वित्त मंत्रालय का मानना है कि इस सेक्टर में होने वाली बड़े पैमाने की टैक्स चोरी को इस कदम से रोका जा सकेगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया है कि टैक्स बढ़ाने के पीछे दो मुख्य कारण हैं। पहला कीमतों में बढ़ोतरी के जरिए युवाओं और आम लोगों को तंबाकू की लत से दूर करना। दूसरा तंबाकू से होने वाली बीमारियों के इलाज पर सरकार का खर्च बढ़ रहा है, जिसकी भरपाई इस राजस्व से की जाएगी।
Also Read: 15 अगस्त 2027 को दौड़ेगी देश की पहली बुलेट ट्रेन, रेल मंत्री बोले- अभी से टिकट बुक करा लीजिए

