डॉ. रोहिणी बनाम चंद्रशेखर आज़ाद: रिश्तों से उठे विवाद ने पकड़ा कानूनी मोड़, सोशल मीडिया पर खुला वार

Sandesh Wahak Digital Desk: इंदौर की पीएचडी स्कॉलर डॉ. रोहिणी घावरी और नगीना से सांसद व भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद के बीच का विवाद दिन-ब-दिन और भी गहराता जा रहा है। पहले रोहिणी द्वारा लगाए गए शोषण के गंभीर आरोपों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचाई थी, और अब उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से चंद्रशेखर पर एक बार फिर सीधा निशाना साधा है।

डॉ. रोहिणी ने अपने ताज़ा बयान में दावा किया है कि चंद्रशेखर ने हाल ही में दिल्ली में एक निजी बैठक के दौरान यह स्वीकार किया कि उनके बीच रिश्ता था और वे एक साथ समय बिता चुके हैं। लेकिन जैसे ही उन्हें यह महसूस हुआ कि यह संबंध उनकी राजनीतिक और सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचा सकता है, उन्होंने अचानक इस रिश्ते को खत्म कर दिया।

रोहिणी ने तीखे लहजे में सवाल उठाया है कि क्या मैं उनके लिए केवल एक इस्तेमाल की जाने वाली चीज़ थी? रोहिणी ने चेतावनी देते हुए कहा अब कोई माफ़ी नहीं, सिर्फ सज़ा होगी। अब निर्णय कोर्ट में होगा।

घावरी का बड़ा खुलासा

डॉ. रोहिणी घावरी ने बताया कि वह और चंद्रशेखर एक गहरे व्यक्तिगत संबंध में थे, लेकिन उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि चंद्रशेखर पहले से विवाहित हैं। यह सच्चाई उन्हें बाद में पता चली, जिससे वे आहत हुईं।

इतना ही नहीं, रोहिणी ने यह भी दावा किया कि वह अकेली नहीं हैं। उनके अनुसार, चंद्रशेखर पर कई अन्य लड़कियाँ भी इसी तरह के आरोप लगा रही हैं और अब वे उनसे संपर्क कर रही हैं। उन्होंने कहा कई महिलाएं मेरे पास आ रही हैं और वही पीड़ा साझा कर रही हैं, जिससे मैं गुज़री हूं। अब रोहिणी ने इस पूरे मामले को कानूनी रास्ते पर ले जाने का निर्णय लिया है और साफ कर दिया है कि वे चंद्रशेखर के खिलाफ अदालत में मुकदमा दर्ज करेंगी।

चंद्रशेखर ने दिया ये जवाब

पूरे मामले में अब तक चंद्रशेखर आज़ाद की ओर से सार्वजनिक तौर पर कोई विस्तृत बयान नहीं आया है। उन्होंने संक्षेप में यही कहा है कि चूंकि मामला अब न्यायिक प्रक्रिया में है, इसलिए वे इस पर मीडिया में कुछ भी कहने से बचेंगे और अपनी बात सिर्फ अदालत के समक्ष रखेंगे।

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