STF के ‘चक्रव्यूह’ में फंसा खूंखार अपराधी पवन उर्फ अम्बे, हत्या और डकैती के 38 मुकदमों वाला गैंग लीडर गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने रामपुर जिले के पटवाई थाना क्षेत्र से इनामी और वांछित अपराधी पवन उर्फ अम्बे को गिरफ्तार किया है। पवन न केवल एक शातिर हिस्ट्रीशीटर है, बल्कि वह 12 अपराधियों के एक खतरनाक गैंग का नेतृत्व भी कर रहा था।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
एसटीएफ फील्ड इकाई बरेली की टीम को सूचना मिली थी कि पटवाई थाने का वांछित अपराधी पवन उर्फ अम्बे ‘मिलक-पटवाई रोड’ से गुजरने वाला है। सूचना मिलते ही एसटीएफ ने घेराबंदी की और इंडेन गैस एजेंसी के पास से उसे दबोच लिया। पवन के खिलाफ रामपुर, बरेली और गोंडा सहित कई जिलों में मुकदमे दर्ज हैं।
काम करने का खौफनाक तरीका: “पहली नींद” में करता था हमला
पूछताछ के दौरान पवन ने अपने जुर्म की दुनिया के कई राज उगले। पवन वारदात वाली जगह के आसपास कमरा किराए पर लेकर पहले कई दिनों तक रेकी करता था। वह रात 12 बजे से पहले वारदात करता था। उसका मानना था कि इस समय लोग ‘पहली गहरी नींद’ में होते हैं। अगर घर का कोई सदस्य जाग जाता था, तो वह और उसका गैंग बेरहमी से मारपीट और हथियारों से हमला करने में संकोच नहीं करते थे। साल 2011 में उसने आपसी रंजिश के चलते बाइक सवार दो युवकों को पिकअप से कुचलकर मार डाला था।
पूरा परिवार ‘हिस्ट्रीशीटर’
पवन का अपराध से पुराना नाता है। उसने 2005 में पहली बार हत्या के प्रयास की घटना को अंजाम दिया था। हैरानी की बात यह है कि पवन के दो सगे भाई भी थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं। अकेले पवन के खिलाफ अब तक 38 गंभीर मुकदमे सामने आ चुके हैं, जिनमें हत्या, डकैती और पशु क्रूरता जैसे अपराध शामिल हैं।
STF की बड़ी उपलब्धि
अपर पुलिस अधीक्षक (एसटीएफ) अमित कुमार नागर के निर्देशन में हुई इस गिरफ्तारी को बड़ी सफलता माना जा रहा है। पवन की गिरफ्तारी से रामपुर और आसपास के जिलों में लूट और सेंधमारी की कई घटनाओं पर लगाम लगने की उम्मीद है। फिलहाल उसे थाना पटवाई पुलिस को सौंप दिया गया है, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

