Lucknow News: 15 मार्च से शुरू होगी संपत्तियों की ‘ई-रजिस्ट्री’, यूपी का पहला डिजिटल प्राधिकरण बना लखनऊ
Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) प्रदेश का पहला ऐसा विकास प्राधिकरण बनने जा रहा है, जहाँ संपत्तियों की रजिस्ट्री पूरी तरह से डिजिटल होगी। 15 मार्च 2026 से लागू होने वाली इस नई व्यवस्था के बाद आवंटियों को अब निबंधन कार्यालय (रजिस्ट्री ऑफिस) के चक्कर काटने से मुक्ति मिल जाएगी।
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चयन
महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा ने 16 फरवरी को आदेश जारी कर LDA को ई-रजिस्ट्री के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना है। इस प्रक्रिया के लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और त्वरित होगी।
कैसे काम करेगी नई व्यवस्था?
डिजिटल रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया एलडीए कार्यालय में ही एक ही स्थान पर संपन्न होगी। ई-स्टांप खरीदना, शुल्क जमा करना और दस्तावेज अपलोड करने का काम ऑनलाइन होगा। आधार प्रमाणीकरण के लिए बायोमेट्रिक मशीनें लगाई जाएंगी। एलडीए अधिकारियों और सब-रजिस्ट्रार के डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से दस्तावेज तत्काल सत्यापित हो जाएंगे। इस प्रणाली से वकील या एजेंटों पर निर्भरता खत्म होगी और आवंटियों का आर्थिक शोषण रुकेगा।
ई-रजिस्ट्री की पहली शुरुआत देवपुर पारा योजना से की जा रही है। यहां के सभी फ्लैटों का डेटा हार्ड और सॉफ्ट कॉपी में निबंधन विभाग को सौंप दिया गया है। फॉर्मेट तैयार है और डेटा फीडिंग का काम अंतिम चरण में है।
अधिकारियों का पक्ष
प्रथमेश कुमार (उपाध्यक्ष, LDA) ने बताया कि यह व्यवस्था आवंटियों के लिए बड़ी राहत है। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि अनियमितताओं और भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा। माधवेश कुमार (उप सचिव, LDA) के अनुसार, 15 मार्च से इसे लागू करने की सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं।
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