संसद में महाकुंभ हादसे की गूंज, अखिलेश यादव बोले- …तो इस्तीफा दे दूंगा
Sandesh Wahak Digital Desk: संसद का बजट सत्र जारी है और इस दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने महाकुंभ हादसे को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि हादसे में मृतकों का आधिकारिक आंकड़ा जारी किया जाए और संसद में उनके सम्मान में दो मिनट का मौन रखा जाए। उन्होंने खुद खड़े होकर मौन रखने की घोषणा भी की।
अखिलेश यादव ने कहा कि महाकुंभ कोई पहली बार नहीं हो रहा है, इसका आयोजन सदियों से होता आ रहा है। अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि एक तरफ तो ये लोग डिजिटल- डिजिटल कहते थकते नहीं हैं, लेकिन जब ये हादसा हो गया तो ये सरकार डिजिट नहीं दे पा रही है। हमारे अपने लोग मारे गए हैं। परिवार का हर रिश्ता दिबंगत हुआ है। आंकड़े अबतक नहीं मिले। जो खोया पाया केंद्र था, उसको भी लोग ढूंढ नहीं पा रहे हैं।
बीजेपी सांसदों से हुई नोकझोंक
जब अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को संसद में उठाया तो बीजेपी सांसदों ने इसका विरोध किया। इस पर अखिलेश यादव ने कहा कि अगर उनकी बात गलत साबित होती है, तो वह इस्तीफा देने को तैयार हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार अन्य मामलों में आंकड़े प्रस्तुत कर रही है, तो फिर महाकुंभ हादसे में मृतकों की संख्या क्यों छुपाई जा रही है?
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जहां सरकार को हादसे को रोकने के लिए उचित इंतजाम करने चाहिए थे, वहां केवल प्रचार-प्रसार किया गया। उन्होंने इसे बेहद निंदनीय बताते हुए कहा कि धार्मिक समागम को राजनीतिक प्रचार का माध्यम बना दिया गया है।
हादसे का जिम्मेदार कौन?
उन्होंने कहा कि महाकुंभ हादसे के बाद अब प्रचार से जुड़े सभी होर्डिंग्स हटा दिए जाने चाहिए। साथ ही, उन्होंने सरकार से सवाल किया कि साक्ष्य छुपाना और मिटाना भी अपराध की श्रेणी में आता है, ऐसे में इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा और दंड कौन भोगेगा? अखिलेश यादव ने लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया कि सरकार जब बजट सत्र में अन्य आंकड़े प्रस्तुत कर रही है, तो महाकुंभ हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या भी सार्वजनिक की जाए। उन्होंने इस मुद्दे पर सदन में गहन चर्चा की मांग भी की।
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