ED ने ऑनलाइन गेमिंग ऐप WinZO के संस्थापकों को किया गिरफ्तार, 505 करोड़ की संपत्ति फ्रीज
Sandesh Wahak Digital Desk: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म WinZO के संस्थापकों, सौम्या सिंह राठौर और पावन नंदा, को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया है। पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि बुधवार को बेंगलुरु में केंद्रीय जांच एजेंसी के क्षेत्रीय कार्यालय में गहन पूछताछ के बाद यह गिरफ्तारी की गई।
बुधवार रात बेंगलुरु की एक स्थानीय अदालत में पेशी के बाद कोर्ट ने दोनों संस्थापकों को एक दिन की हिरासत में भेज दिया।
WinZO पर ED के गंभीर आरोप
ED ने WinZO पर धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत गंभीर आरोप लगाए हैं। ED ने आरोप लगाया कि भारत द्वारा रियल-मनी गेमिंग पर प्रतिबंध लगाने के बाद, कंपनी ने गेमर्स के ₹43 करोड़ रोक लिए थे, जबकि उन्हें यह राशि वापस मिलनी चाहिए थी।
एजेंसी ने WinZO पर “आपराधिक गतिविधियों और बेईमान प्रथाओं” में लिप्त होने का आरोप लगाया है। ED का दावा है कि ग्राहकों को यह बताए बिना एल्गोरिदम के साथ खेलने के लिए मजबूर किया गया कि वे मनुष्यों के बजाय सॉफ्टवेयर के साथ खेल रहे हैं।
WinZO द्वारा भारत से ब्राजील, अमेरिका और जर्मनी जैसे देशों में रियल-मनी गेम (RMG) संचालित करने का भी आरोप है, जिसका अर्थ है कि ये ऑपरेशन भारत-आधारित प्लेटफॉर्म पर होस्ट किए गए थे। ED ने WinZO गेम्स के ₹505 करोड़ के बॉन्ड, फिक्स्ड डिपॉजिट और म्यूचुअल फंड को PMLA के तहत फ्रीज कर दिया है।
एजेंसी का कहना है कि WinZO ने ग्राहकों के वॉलेट से राशि की निकासी को भी सीमित किया और एल्गोरिदम के ‘बेईमान’ उपयोग के माध्यम से अवैध धन उत्पन्न किया।
WinZO का पक्ष
WinZO के प्रवक्ता ने आरोपों का जवाब देते हुए एक बयान में कहा है कि “निष्पक्षता और पारदर्शिता WinZO के प्लेटफॉर्म को डिजाइन और संचालित करने का मूल आधार हैं।” उन्होंने यह भी दावा किया कि कंपनी सभी लागू कानूनों का पूरी तरह से पालन करती है और उनका ध्यान यूज़र्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है।

