Azamgarh News: ब्रिटिश नागरिक बन चुके मदरसा टीचर के घर पर ED का छापा, 20 साल बाद खुला बंद मकान का ताला

Azamgarh News: आजमगढ़ जनपद के मुबारकपुर के आदमपुर मोहल्ले में गुरुवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सुबह साढ़े सात बजे ईडी की टीम चार गाड़ियों में सवार होकर शमशुल हुदा खान के घर पहुंची। शमशुल हुदा का यह दो मंजिला मकान करीब 20-22 सालों से बंद पड़ा था। ईडी के अधिकारियों ने मकान का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और घंटों तक छानबीन की।

यह मामला किसी फिल्मी कहानी जैसा है। शमशुल हुदा खान पर आरोप है कि उन्होंने देश के साथ धोखाधड़ी की है। शमशुल हुदा साल 2007 से ब्रिटेन में रह रहे थे और 2013 में उन्होंने भारतीय नागरिकता छोड़कर ब्रिटिश नागरिकता ले ली थी। विदेशी नागरिक बनने के बावजूद, उन्होंने यह जानकारी छिपाई और साल 2017 तक मुबारकपुर के ‘मदरसा अशरफिया’ में शिक्षक के रूप में काम करते रहे और सरकारी वेतन लेते रहे। इस धोखाधड़ी को लेकर मदरसा प्रबंधक सरफराज ने जून 2025 में उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया था।

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ईडी की टीम ने कार्रवाई को बेहद गुप्त और सख्त रखा। अधिकारियों ने फीता लेकर पूरे मकान और जमीन की नापी की। स्थानीय लोगों के मुताबिक, घर के अंदर से कुछ दीवारें या फर्श तोड़ने जैसी आवाजें भी सुनाई दीं, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि टीम किसी गुप्त दस्तावेज या छिपाए गए धन की तलाश में थी। कार्रवाई के दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति को गली में आने की इजाजत नहीं दी गई।

जांच के घेरे में कई बड़े अधिकारी

इस घोटाले की आंच सिर्फ शमशुल हुदा तक ही सीमित नहीं है। जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट में अल्पसंख्यक विभाग के कई तत्कालीन अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं, जिन्होंने कथित तौर पर इस फर्जीवाड़े को नजरअंदाज किया।

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