फर्जी डिग्री घोटाला: ED ने मोनाड यूनिवर्सिटी कुलाधिपति के ठिकानों पर छापेमारी कर जब्त किए 43 लाख नकद और दस्तावेज
Lucknow News: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के लखनऊ ज़ोनल कार्यालय ने फ़र्ज़ी डिग्री घोटाले से जुड़े एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सनसनीखेज़ कार्रवाई की है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा में कुल 15 स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।
कुलाधिपति है मुख्य सरगना
ईडी की यह जाँच उत्तर प्रदेश एसटीएफ की ओर से मई 2025 में की गई कार्रवाई पर आधारित है। एसटीएफ ने हापुड़ स्थित मोनाड विश्वविद्यालय में छापेमारी कर बड़ी मात्रा में जाली शैक्षणिक दस्तावेज़ (मार्कशीट, डिग्री) बरामद किए थे। जाँच में सामने आया कि विजेंद्र सिंह उर्फ विजेंद्र सिंह हुड्डा इस संगठित रैकेट का मुख्य सरगना है। वह मोनाड विश्वविद्यालय का कुलाधिपति (Chancellor) और नियंत्रण प्राधिकरण है।
आरोप है कि विजेंद्र सिंह इसी नेटवर्क के माध्यम से हज़ारों फ़र्ज़ी डिग्रियों का निर्माण और वितरण कराता था, जिससे उसने भारी अवैध कमाई की। वह उन्नाव के सरस्वती मेडिकल कॉलेज का सचिव भी है। एसटीएफ की कार्रवाई के बाद 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था और पुलिस ने चार्जशीट भी दाखिल की थी, जिसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जाँच शुरू की।
करोड़ों की संपत्ति और दस्तावेज जब्त
ईडी के इस बड़े तलाशी अभियान के दौरान कई अहम चीजें ज़ब्त की गई हैं। 43 लाख रुपये की नकद राशि बरामद। कई आपत्तिजनक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त। ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस फर्ज़ीवाड़े से अर्जित काले धन को किस तरह से निवेश किया गया या सफ़ेद बनाने की कोशिश की गई। इस रैकेट से कई राज्यों के हज़ारों छात्रों के भविष्य पर असर पड़ने की आशंका है, इसलिए ईडी की यह कार्रवाई आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे कर सकती है।
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